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बांका में मचा कोहराम, बाबानगरी पहुंचने से पहले ही थम गईं 8 शिवभक्तों की सांसें, हार्ट अटैक बनी मौत की वजह

इस बार की यात्रा सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर जा रहे कांवड़ियों के लिए बेहद दर्दनाक साबित हो रही है। क्योंकि बाबानगरी पहुंचने से पहले ही आठ शिवभक्तों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इन मौतों की सबसे बड़ी वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। इस मार्मिक घटना के बाद से कांवड़िया पथ और श्रद्धालुओं के बीच काफी हड़कंप मचा हुआ है।

By Sushil Sah 
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बांका। इस बार की यात्रा सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर जा रहे कांवड़ियों के लिए बेहद दर्दनाक साबित हो रही है। क्योंकि बाबानगरी पहुंचने से पहले ही आठ शिवभक्तों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इन मौतों की सबसे बड़ी वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। इस मार्मिक घटना के बाद से कांवड़िया पथ और श्रद्धालुओं के बीच काफी हड़कंप मचा हुआ है।

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दुर्गम रास्ते और भीषण गर्मी ले रही जान

बांका जिले के कटोरिया और इनारावरण के बीच का रास्ता कांवड़ यात्रा के दौरान बेहद कठिन माना जाता है। पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुासार, कुल आठ मृतकों में से 5 कांवड़ियों की मौत सीधे तौर पर अचानक दिल का दौरा पड़ने से हुई है। साथ ही अधिकांश कांवड़ियों की तबीयत जिलेबिया पहाड़ की कठिन चढ़ाई चढ़ने के दौरान बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया पर उनकी जान नहींं बच पाई। दिल के दौरे के अलावा, दो कांवड़ियों की मौत सड़क दुर्घटना में और एक श्रद्धालु की मौत करंट लगने के कारण हुई है।

डॉक्टरों ने बताया- क्यों आ रहे हैं हार्ट अटैक?

बांका सदर अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों के मुताबिक, बिना किसी पूर्व अभ्यास के अचानक इतनी कठिन यात्रा शुरू करना दिल पर भारी पड़ रहा है। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु बिना आराम किए लगातार 25-30 किलोमीटर पैदल चलने से दिल पर दबाव बढ़ जाता है। साथ ही सावन के महीने में उमस भरी गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की भारी कमी हो रही है, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है और ब्लॉकर्स की संभावना बढ़ जाती है। जांच में पता चला है कि इनमें से कई श्रद्धालु पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, शुगर या दिल की बीमारी से पीड़ित थे, लेकिन उन्होंने यात्रा से पहले डॉक्टरों की सलाह नहीं ली।

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स्वास्थ्य विभाग की अपील

घटना की गंभीरता को देखते हुए बांका जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ियों के लिए हाई अलर्ट और एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा शुरू करने से पहले सुल्तानगंज या अपने स्थानीय डॉक्टर से बीपी और शुगर की जांच अवश्य कराने की अपील की है। इसके अलावा रास्ते में पड़ने वाले जिलेबिया मोड़ और सुईया पहाड़ पर चढ़ते समय गति धीमी रखने की सलाह दी है। साथ ही अपने सलाह में ये भी कहा है कि यदि सीने में भारीपन, सांस फूलने या अत्यधिक पसीना आए तो यात्रा तुरंत रोककर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य शिविर से संपर्क करें।

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