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Voter List Controversy : संसद से लेकर चुनाव आयोग भवन तक विपक्ष का मार्च, राहुल, प्रियंका, अखिलेश समेत कई विपक्षी सांसद पुलिस हिरासत में

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा की जा रही वोट चोरी के आरोपों को लेकर इन दिनों सियासी पारा चढ़ा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी को लेकर आज विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाल रहे हैं। इस बीच, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने सांसदों के मार्च को इलेक्शन कमीशन (Election Commission) तक जाने की इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद विपक्षी सांसद मार्च निकाल रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया है।

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‘यह संविधान बचाने की लड़ाई है, यह लड़ाई एक व्यक्ति, एक वोट की है’

राहुल गांधी ने कहा कि हकीकत यह है कि वे बोल नहीं सकते। सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है। यह संविधान बचाने की लड़ाई है। यह लड़ाई एक व्यक्ति, एक वोट की है। हम एक साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं। वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘ये लोग डरे हुए हैं। सरकार कायर है।

वहीं, इलेक्शन कमीशन के बाहर दिल्ली पुलिस के साथ पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग करके मार्च को रोका गया। कई सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए और कूद गए। अखिलेश यादव बैरिकेड से कूदे। टीएमसी सांसद सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा बैरिकेड्स पर चढ़ गईं। बाद में अखिलेश यादव धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि पुलिस हमको रोक रही है।

चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को परिवहन भवन में पुलिस बैरिकेड्स द्वारा रोके जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से गंभीर सवाल पूछे हैं और हम गंभीर जवाब के हकदार हैं। अब तक दिए गए जवाब औपचारिकता मात्र लगते हैं। चुनाव आयोग को इन वास्तविक चिंताओं का समाधान करना चाहिए और मांगे गए आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से साझा करना चाहिए।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि हमारी माँग और अनुरोध स्पष्ट हैं। सभी विपक्षी सांसद शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं। मार्च के अंत में, हम सामूहिक रूप से SIR और अन्य मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। हमने प्रतिनिधिमंडल की माँग नहीं की थी। भाषा स्पष्ट थी। अब हमें निर्वाचन सदन तक भी नहीं पहुँचने दिया जा रहा है, हमें पीटीआई भवन में ही रोक दिया गया है। संसद के ठीक सामने, लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, उसकी हत्या हो रही है। चुनाव आयोग का यह बहुत ही चतुराईपूर्ण और बेबाक जवाब है।

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