Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. हमारा दृढ़ विश्वास है कि भाजपा वोट चोरी के लिए एसआईआर प्रक्रिया को हथियार बनाने की कोशिश कर रही: खरगे

हमारा दृढ़ विश्वास है कि भाजपा वोट चोरी के लिए एसआईआर प्रक्रिया को हथियार बनाने की कोशिश कर रही: खरगे

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में इन दिनों एसआईआर को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। विपक्षी दल के नेता इसको लेकर सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में बड़ी बैठक हुई, जिसमें एसआईआर को लेकर चर्चा हुई।

पढ़ें :- मध्यप्रदेश आज BJP सरकार के लूट का केंद्र और भ्रष्टाचार का बन चुका है पर्याय: मल्लिकार्जुन खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, हमने उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिवों, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस विधायक दल और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों के साथ एक व्यापक रणनीति समीक्षा की, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस पार्टी मतदाता सूचियों की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने आगे लिखा, ऐसे समय में जब लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास पहले से ही कमज़ोर है, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग का आचरण बेहद निराशाजनक रहा है। उसे तुरंत यह दिखाना होगा कि वह भाजपा के साये में काम नहीं कर रहा है और उसे किसी सत्तारूढ़ दल के प्रति नहीं, बल्कि भारत की जनता के प्रति अपनी संवैधानिक शपथ और निष्ठा का ध्यान है।

हमारा दृढ़ विश्वास है कि भाजपा वोट चोरी के लिए एसआईआर प्रक्रिया को हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। और अगर चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं देता है, तो यह विफलता केवल प्रशासनिक नहीं है-बल्कि यह चुप्पी की मिलीभगत बन जाती है। इसलिए हमारे कार्यकर्ता, बीएलओ और जिला/शहर/ब्लॉक अध्यक्ष निरंतर सतर्क रहेंगे। हम असली मतदाताओं को हटाने या फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की हर कोशिश का पर्दाफाश करेंगे, चाहे वह कितनी भी सूक्ष्म क्यों न हो। कांग्रेस पार्टी संस्थाओं के पक्षपातपूर्ण दुरुपयोग से लोकतांत्रिक सुरक्षा उपायों को कम नहीं होने देगी।

पढ़ें :- Video : कांग्रेस, बोली- कब तक सरकारी लापरवाही की कीमत आम जनता अपनी जान देकर चुकाती रहेगी?
Advertisement