शुगर के मरीजों को अपने खान पान का खास ख्याल रखने की जरुरत होती है। कुछ भी खा लेने की आदत उनकी सेहत पर सीधा असर डाल सकता है। ब्रेकफास्ट में अधिकतर घरों में ब्रेड, ब्राउन ब्रेड या फिर मल्टीग्रेन ब्रेड खाया जाता है। ऐसे में अधिकतर शुगर के मरीजों को कन्फ्यूजन रहता है कि क्या ये ब्रेड उनके लिए नुकसान दायक तो नहीं है।
पढ़ें :- UP IAS Posting : यूपी में 21 आईएएस अफसरों की अलग-अलग जिलों में तैनाती, देखें लिस्ट
शुगर के मरीजों को ब्रेड का सेवन न के बराबर करना चाहिए। कोशिश करें ब्रेड खाने से बचें। एक्सपपर्ट के अनुसार वाइट ब्रेड रिफाइंट आटा या मैदा से बनाई जाती है। शुगर के मरीजों और हेल्थ कॉन्शियस लोगो को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
अगर ब्राउन ब्रेड की बात करें तो जौ माल्ट या गुड़ पा प्रयोग इसे बनाने में किया जाता है। इसलिए शुगर के मरीजों को इसे खाने से बचना चाहिए। अगर बात करें आटे की ब्रेड की तो आटे की ब्रेड बनाने के लिए जिस आटे का इस्तेमाल किया जाता है वो पूरी तरह गेहूं को पीसकर बनाया जाता है।
इस आटे की ब्रेड में सफेद ब्रेड की तुलना फाइबर की मात्रा अधिक होती है। फाइबर होने की वजह से इसे सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। रिफाइंड आटे से बनी रोटी की तुलना में इस आटे में चोकर होता है। जो शरीर को पोषण देता है। इस आटे में पाये जाने वाले पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें बहुत अधिक प्रोटीन, विटामिन और फाइबर पाया जाता है जो शरीर के लिए फायदेमंद होता है।
वहीं अगर मल्टीग्रेन ब्रेड की बात करें तो कद्दू के बीज या सूरजमुखी के बीज के साथ गेहूं की भूसी, जई और जौ को मिलाया जाता है। ये दोनो सीड्स ब्लड में शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में फायदेमंद है।