डिजिटल डेस्क। धर्मेंद्र प्रधान के स्तीफे को स्वीकार करते हुए तत्काल ही प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त पदभार सौंप दिया गया है। बता दें कि प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पांच बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं। फिलहाल उनके पास खाद्य एवं उपभोक्ता मामले और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। इससे पहले वे कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री जैसे अहम मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों में लंबे अनुभव के कारण उन्हें बीजेपी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। अगर उनकी शिक्षा की बात करें तो प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से बी.ए. की डिग्री हासिल की है। बाद में आरएसएस से जुड़े और फिर भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते हुए राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
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लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार प्रह्लाद जोशी अपने एक खास अंदाज की वजह से भी खूब चर्चा में आ गए थे। दरअसल हम बात कर रहे हैं 11 दिसंबर 2025 की जब वह एक बेहद खास कार से संसद पहुंचे थे, तो वहां मौजूद हर कोई उसे देखकर हैरान रह गया था।
यह कोई आम कार नहीं थी, बल्कि हाइड्रोजन से चलने वाली अत्याधुनिक Toyota Mirai थी। प्रह्लाद जोशी जब इस कार को चलाकर संसद पहुंचे तो लोगों की नजरें इस गाड़ी पर टिक गईं। इस कार की सबसे खास बात यह है कि यह पेट्रोल या डीजल से नहीं, बल्कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलती है और इससे प्रदूषण भी नहीं होता।
संसद पहुंचने के बाद प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि यह कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि Toyota Kirloskar और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए समझौता भी किया गया है। उन्होनें यह भी कहा था कि Mirai का मतलब ‘भविष्य’ होता है। यह एक जीरो-एमिशन वाहन है, जो चलने के दौरान सिर्फ पानी की भाप छोड़ता है। यानी इससे न धुआं निकलता है और न ही वायु प्रदूषण बढ़ता है। यही वजह है कि इसे भविष्य के स्वच्छ परिवहन का एक बड़ा विकल्प माना जा रहा है।
वहीं, हाइड्रोजन कार को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा था कि ऐसी तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकती है। आने वाले समय में ग्रीन हाइड्रोजन और वैकल्पिक ईंधन देश के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। तो नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की यह खास कार वाली चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में है, जिसने दिखाया कि भविष्य की तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर भारत किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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रिपोर्ट: कल्पना पाण्डे