नई दिल्ली। ऑनलाइन एडल्ट कॉन्टेंट क्रिएशन (Online Adult Content Creation) शब्द का जिक्र आते ही सिर्फ हर आदमी के जेहन में एक नाम आता है। वह है OnlyFans। इस प्लेटफॉर्म ने एडल्ट कॉन्टेंट (Adult Content) की दुनिया बदल दी है। कोविड महामारी के दौरान कॉन्टेंट क्रिएटर्स की तो चांदी हुई ही, तो छुप-छुप कर तमाम वेबसाइट्स से एडल्ट कॉन्टेंट (Adult Content) जुटाने वाले लोगों की मुश्किल भी आसान कर दी। इस प्लेटफॉर्म के संस्थापक लियोनिड राडविस्की (OnlyFans founder Leonid Radvinsky) कैंसर बीमारी के चलते सोमवार को 43 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
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बता दें कि एडल्ट कॉन्टेंट क्रिएशन (Adult Content Creation) को हम दो हिस्सों में देख सकते हैं। एक ‘प्री ओनलीफैंस एरा’ और दूसरा ‘पोस्ट ओनलीफैंस एरा’। इस प्लेटफॉर्म ने एडल्ट कॉन्टेंट क्रिएशन (Adult Content Creation) की दुनिया में क्रांति ला दी या कहें लोकतांत्रिकरण कर दिया। कोई भी इस प्लेटफॉर्म पर अपना कॉन्टेंट अपलोड कर सकता है और उसे अपने कॉन्टेंट की कीमत तय करने की भी आजादी है। लुक छिप कर इधर-उधर से एडल्ट कॉन्टेंट (Adult Content) जुटाने वाली प्रजाति भी इस प्लेटफॉर्म की एहसानमंद रहेगी। सोमवार को इस प्लेटफॉर्म के मालिक लियोनिड राडविंस्की ने दुनिया को अलविदा कह दिया है।
बता दें कि लियो राडविंस्की (Leonid Radvinsky) का जन्म 1982 में यूक्रेन में हुआ था। उनके जन्म के कुछ सालों बाद परिवार शिकागो आ गया। राडविंस्की ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी (Northwestern University) से इकोनॉमिक्स की डिग्री ली। वो एक कंप्यूटर प्रोग्रामर और बिजनेसमैन थे। उनकी वेबसाइट के मुताबिक वह फिलहाल फ्लोरिडा में रह रहे थे।
लियो बेहद इंट्रोवर्ट इंसान बताए जाते थे। उनको लाइमलाइट बिल्कुल पसंद नहीं था। राडविंस्की का कोई इंटरव्यू बमुश्किल ही उपलब्ध है। इंटरनेट बूम के समय उन्होंने एडल्ट वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स बनाने की शुरुआत की। ये सब्सक्रिप्शन बेस्ड वेबसाइट्स थीं। बहुत सफलता तो नहीं मिली, लेकिन ये अनुभव आगे उनके काफी काम आया।
ओनलीफैंस को खरीदने के बाद बदली कहानी
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साल 2016 में ब्रिटेन के एक उद्यमी Tim Stokely ने एक एडल्ट प्लेटफॉर्म बनाया। नाम दिया ओनलीफैंस। फिर साल 2018 में कंपनी के 75 प्रतिशत शेयर बेच दिए। जिसको लियो राडविंस्की ने खरीदा। उन्होंने इसकी कमान टिम के पास ही रहने दी। 2021 तक टिम सीईओ बने रहे। फिर वो चलते बने। ‘कृपा’ यहीं अटकी हुई थी। उनके जाते ही प्लेटफॉर्म की किस्मत बदल गई।
राडविंस्की साल 2000 से एडल्ट कॉन्टेंट की दुनिया में हाथ आजमा रहे थे, लेकिन बात बन नहीं रही थी। ओनलीफैंस के भी शुरुआती कुछ साल बहुत उम्मीद बंधाने वाले नहीं थे, लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन में कहानी बदल गई। लोग घरों में बंद थे। अकेलापन और तन्हाई तारी थी। हर काम का विकल्प फोन में खोजा जा रहा था। मीटिंग के लिए जूम या गूगल मीट। राशन-पानी के लिए डिलीवरी ऐप्स। सिनेमा, संगीत के लिए नेटफ्लिक्स, ऐमजॉन जैसे प्लेटफॉर्म। इसी कड़ी में सेक्शुअल डिजायर या फिर कहें फैंटसी तलाशने के लिए ओनलीफैंस, ManyVids और IsMyGirl जैसे प्लेटफॉर्म्स सहारा बने।
कैसे काम करता है ओनलीफैंस?
ओनलीफैंस की मकबूलियत ने सबको पीछे छोड़ दिया। आखिर ऐसा क्या था इस प्लेटफॉर्म में? शुरुआत में तो कॉन्टेंट क्रिएटर्स मजे के लिए इस पर वीडियो अपलोड करते थे। फैंस उसका सब्सक्रिप्शन लेकर वीडियो देखते थे। लेकिन धीरे-धीरे ये बन गया एडल्ट कॉन्टेंट का हब। कोविड के दौरान इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या में बूम आने लगा। साल 2023 तक इसके 19 करोड़ सब्सक्राइबर हो गए। इससे क्रिएटर और कंपनी दोनों मालामाल हुए।
इस कंपनी की सबसे बड़ी खासियत थी कि यहां हर क्रिएटर का सब्सक्रिप्शन अलग होता था। यानी ऐसा नहीं कि हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन लिया और इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद सब कुछ देख लिया। यहां आप जिसका कॉन्टेंट देखना चाहते हैं, उसी का सब्सक्रिप्शन लीजिए. कमाल तो ये कि ये सब्सक्रिप्शन कितने का मिलेगा, इसका फैसला खुद क्रिएटर करेगा। इस कंपनी का रेवेन्यू मॉडल भी क्रिएटर फ्रेंडली था। सब्सक्रिप्शन में कंपनी का हिस्सा 20 प्रतिशत। बाकी 80 प्रतिशत कॉन्टेंट क्रिएटर का। यानी 100 रुपये का सब्सक्रिप्शन है तो 80 रुपये क्रिएटर को जाएगा और 20 रुपये कंपनी को।
साल 2021 के 2024 के बीच ओनलीफैंस ने बंपर कमाई की। मालिक राडविंस्की अरबपति हो गए। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में फोर्ब्स ने उनको अरबपतियों की सालाना लिस्ट में जगह दी। केवल साल 2024 में कंपनी ने 1.4 बिलियन डॉलर (लगभग 13 हजार करोड़) की कमाई की। इस दौरान कंपनी के पास 37 करोड़ 70 लाख सब्सक्राइबर थे। वहीं 46 लाख से ज्यादा लोग अपना कॉन्टेंट साइट पर अपलोड कर रहे थे।