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OnlyFans में सिर्फ 42 कर्मचारी, अरबों की कमाई, दुनिया की सबसे बड़ी ‘रेवेन्यू-एफिशिएंट’ कंपनी बनकर Apple और Meta को चटाई धूल

एडल्ट कंटेंट (Adult content) के लिए मशहूर प्लेटफॉर्म OnlyFans दुनिया की सबसे 'रेवेन्यू-एफिशिएंट' (World's Most Revenue-Efficient Company) कंपनी बन गई है। हाल ही में जारी ताज़ा रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। हैरानी की बात यह है कि उसने NVIDIA, Apple और Meta (Facebook) जैसी टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनियों को मीलों पीछे छोड़ दिया है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। एडल्ट कंटेंट (Adult content) के लिए मशहूर प्लेटफॉर्म OnlyFans दुनिया की सबसे ‘रेवेन्यू-एफिशिएंट’ (World’s Most Revenue-Efficient Company) कंपनी बन गई है। हाल ही में जारी ताज़ा रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। हैरानी की बात यह है कि उसने NVIDIA, Apple और Meta (Facebook) जैसी टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनियों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। आसान भाषा में समझें तो OnlyFans अपने हर कर्मचारी पर $37.6 मिलियन (करीब 314 करोड़ रुपये) का रेवेन्यू कमाती है।

जानें बड़ी कंपनियां राजस्व के मामले में कहां खड़ी हैं?

एक फ़ाइनेंशियल फ़र्म Barchart के डेटा के मुताबिक, OnlyFans इस लिस्ट में पहले नंबर पर है। उसके और दूसरे नंबर की कंपनी के बीच ज़मीन-आसमान का फ़र्क है।

OnlyFans : हर कर्मचारी पर $37.6 मिलियन रेवेन्यू।

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NVIDIA : हर कर्मचारी पर $3.6 मिलियन रेवेन्यू (दूसरे नंबर पर)।

Apple : हर कर्मचारी पर $2.4 मिलियन रेवेन्यू।

Meta (फेसबुक) : हर कर्मचारी पर $2.2 मिलियन रेवेन्यू।

‘रेवेन्यू-एफिशिएंट’ का मतलब क्या है?

इसका सीधा सा मतलब है कि कोई कंपनी अपने संसाधनों का इस्तेमाल करके कितना पैसा कमाती है? OnlyFans की ख़ासियत यह है कि इसमें सिर्फ 42 लोगों की एक बहुत छोटी सी टीम काम करती है, लेकिन इसकी सालाना कमाई $1.3 बिलियन (1.3 अरब डॉलर) से ज़्यादा है।

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जानें OnlyFans का बिज़नेस मॉडल

OnlyFans की सफलता का राज़ उसका बिज़नेस मॉडल है। कंपनी खुद कंटेंट नहीं बनाती, बल्कि वह लाखों इंडिपेंडेंट कंटेंट क्रिएटर्स पर निर्भर करती है।

इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 2.1 मिलियन (21 लाख) क्रिएटर्स हैं, जो अपना कंटेंट बनाकर सीधे अपने फैंस को बेचते हैं। ये क्रिएटर्स कंपनी के पक्के कर्मचारी (employees) नहीं हैं।

कमाई का बंटवारा सीधा है: 80 फीसदी हिस्सा क्रिएटर को मिलता है और 20 फीसदी हिस्सा OnlyFans अपनी फीस के तौर पर रखती है।

कंपनी की जो 42 लोगों की छोटी सी टीम है, उसका काम सिर्फ प्लेटफॉर्म को मैनेज करना, टेक्नोलॉजी संभालना और नियमों का पालन करवाना है.।असली काम (कंटेंट बनाना) तो लाखों क्रिएटर्स कर रहे हैं।

कमाई के आंकड़े

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कंपनी की ग्रोथ ज़बरदस्त रही है। 2024 के वित्तीय वर्ष में, फैंस ने क्रिएटर्स को कुल $7.22 बिलियन (7.22 अरब डॉलर) का पेमेंट किया। इसमें से क्रिएटर्स ने (अपना 80 फीसदी हिस्सा) लगभग $5.8 बिलियन कमाए। वहीं OnlyFans ने अपने 20 फीसदी कमीशन से $1.41 बिलियन (1.41 अरब डॉलर) का नेट रेवेन्यू कमाया। संक्षेप में, OnlyFans ने एक ऐसा मॉडल बनाया है जहां असली काम लाखों इंडिपेंडेंट लोग करते हैं, जबकि कंपनी खुद बहुत छोटी टीम के साथ सिर्फ प्लेटफॉर्म चलाकर अरबों कमा रही है।

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