नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद कई तरह के कयासों के बाजार गर्म हो गए हैं। राघव चड्ढा समेत इन सभी सांसदों ने अब भाजपा ज्वॉइन कर लिया है। इसके बाद से पंजाब में बड़ा सियासी उल्टफेर होने की अटकलें शुरू हो गईं हैं। कहा जा रहा है कि, पंजाब में ऑपरेशन लोटस शुरू हो गया है और 50 से ज्यादा विधायक राघव चड्ढा और भाजपा के संपर्क में हैं। अगर ऐसी स्थिति आती है तो पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब में गिर सकती है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए ऑपरेशन लोटस की बात कही थी।
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एक साथ सात सांसदों ने छोड़ा आप का साथ
बता दें कि, राज्यसभा में आप के 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों ने आप को छोड़ दिया। राघव चड्ढा के साथ हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी को अलविदा कहा है। दरअसल, पंजाब से राघव चड्ढा संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे चेहरे पार्टी की रणनीति और संगठन दोनों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। राघव चड्ढा जहां विधायकों और मंत्रियों के संपर्क में रहते थे वहीं संदीप पाठक को संगठन का रणनीतिक दिमाग माना जाता था। अशोक मित्तल का प्रभाव संगठन के साथ आर्थिक मोर्चे पर भी मजबूत रहा है और वे कई नेताओं को पार्टी में लाने में सक्रिय रहे हैं।
संगठन से लेकर सरकार में है अच्छी पकड़
पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की अच्छी पकड़ बताई जाती है। 2022 के चुनाव में संदीप पाठक और राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में अगर वहां पर ऑपरेशन लोटस हुआ भगवंत मान सरकार को बड़ा झटका लग सकता है।
आप के सामने है बड़ी चुनौती
विधायकों को एकजुट रखना, कार्यकर्ताओं का भरोसा कायम रखना और जनता के बीच अपनी छवि को मजबूत करना आप के लिए चुनौती है। पार्टी के भीतर असंतोष पहले से मौजूद था। कई नेताओं पर कार्रवाई और कुछ के जेल जाने से संगठन पहले ही दबाव में था। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह घटनाक्रम एक सीमित राजनीतिक झटका है या बड़े बदलाव की शुरुआत।
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