बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर दौरे के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों माफियाओं और बदहाल कानून-व्यवस्था से होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश ने विकास और सुशासन की नई दिशा पकड़ी है। उन्होंने कहा कि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और बुलंदशहर समेत पूरा प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, पहले हर जिले में दंगे होते थे, थानों पर माफियाओं का असर रहता था और युवाओं के रोजगार पर सिंडिकेट हावी थे। आज प्रदेश में कानून का राज है। न कर्फ्यू है, न दंगा है… अब बुलंदशहर चंगा है।
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574 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
नुमाइश ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए 574 करोड़ रुपये की लागत वाली 57 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार निवेश कर रही है जिससे क्षेत्र में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के किसानों को राहत देते हुए मुआवजा बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही बुलंदशहर शहर में लंबे समय से प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण को भी मंजूरी देने का ऐलान किया जिससे शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर पहुंचे
जनसभा से पहले मुख्यमंत्री शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय में छात्राओं को शिक्षा का अवसर मिलने की सराहना की और उनके लिए छात्रावास बनवाने की घोषणा की। साथ ही रज्जू भैया की माताजी के नाम पर छात्रों के लिए भी छात्रावास निर्माण कराने की बात कही। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण प्रदेशवासियों के विश्वास और समर्थन का परिणाम है। उन्होंने इसे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री ने लोगों से 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प में भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब समाज जाति, क्षेत्र, भाषा और छुआछूत जैसी संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करे।
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आरएसएस की भूमिका का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बताया। उन्होंने रज्जू भैया के योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार भी इन्हीं मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।