अयोध्या। अयोध्या छावनी परिषद कार्यालय (Ayodhya Cantonment Board Office) में 25 करोड़ रुपए के घोटाले (25 crore scam) की जांच अब CBI ने अपने हाथ में ले ली है। रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (CBI’s Anti Corruption Branch) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले (High-Profile Cases) में जांच शुरू कर दी है।
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सूत्रों के मुताबिक, छावनी परिषद (Cantonment Board) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मैन पावर और कुछ आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के लिए सरकारी GeM पोर्टल (Government GeM portal) पर टेंडर आमंत्रित किए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गईं।
कागजों में हेरफेर कर भारी घोटाला अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले का खुलासा सपा नेता तेज नारायण पांडे ‘पवन’ (SP leader Tej Narayan Pandey ‘Pawan’) ने किया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता के प्रमाण भी मिले
सितंबर 2024 में सीबीआई की लखनऊ यूनिट ने सेना अधिकारियों के साथ अयोध्या छावनी परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता के प्रमाण भी मिले हैं। CBI अब इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। संभावना है कि जल्द ही कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। इस घोटाले ने रक्षा मंत्रालय की संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।