पटना। 70वीं बीपीएससी परीक्षा (70th BPSC Exam) दोबारा कराने की मांग को लेकर रविवार को पटना के गांधी मैदान में अभ्यर्थियों ने छात्र संसद का आयोजन किया। जिसमें जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishore, founder of Jan Suraj) भी शामिल हुए। इसके बाद मार्च निकालने की सहमति बनी। गांधी मैदान (Gandhi Maidan) से सीएम आवास तक मार्च निकाला गया। जिसमें पीके भी शामिल हैं, लेकिन जेपी गोलंबर के पास मार्च को पुलिस ने रोक लिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। वज्रवाहन और वॉटर कैनन की तैनाती की गई है। छात्रों की मांग है, कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए। बीते कई दिनों से छात्र पटना के गर्दनीबाग में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
पढ़ें :- UPPSC APS 2023 : यूपीपीएससी ने अपर निजी सचिव की भर्ती रद्द की, 331 पदों के लिए एक भी अभ्यर्थी नहीं मिला योग्य
Video-छात्रों को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका तो छात्र सड़क पर ही बैठ गए। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हैं, लेकिन जेपी गोलंबर के पास मार्च को पुलिस ने रोक लिया है। #bsps #BPSC_70th #BPSCStudentsProtest #bpscexam #PrashantKishor #Patna #patnaprotest pic.twitter.com/Dryhy4rFoi
— santosh singh (@SantoshGaharwar) December 29, 2024
गांधी मैदान के लिए निकलने से पहले प्रशांत किशोर ने यहां कहा कि बीपीएससी के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और मैं उनसे मिलने जा रहा हूं। जहां तक प्रशासन से इजाजत की बात है तो वहां कोई रैली, धरना प्रदर्शन जैसा कुछ है नहीं वहां तो सिर्फ एक जगह बैठ कर बातचीत करना चाह रहे हैं। गांधी मैदान सार्वजनिक जगह है और वहां कोई भी जा सकता है। सरकार बेवजह इस मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना रही है। छात्रों के पास सरकारी बंगला तो है नहीं तो फिर वो कहां बैठेंगे? इसलिए वो गांधी मैदान में एक जगह बैठ कर बातचीत करना चाहते हैं। पीके ने कहा कि अगर छात्र चाहते हैं कि प्रशांत किशोर गांधी मैदान में आकर बैठे तो मैं भी बैठूंगा। छात्रों के साथ यही तय हुआ था कि हम एक जगह गांधी मैदान में बैठ कर बातचीत करेंगे।
पढ़ें :- ममता बनर्जी का शुभेंदु सरकार के खिलाफ हल्लाबोल, बोलीं- भाजपा ने 177 सीटों पर की धांधली, कार्यकर्ताओं को रोक रही पुलिस
गांधी मैदान में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा ने कि आज आप लोग यहां जुटे हैं, और नीतीश कुमार दिल्ली भाग गए हैं। उनको एक-दो दिन का समय दिया जाए। जिस पर छात्रों ने एक सुर में मना कर दिया। इस दौरान पीके ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होंगी। तब तक ये प्रदर्शन चलता रहेगा। 100-100 छात्रों का धरना अनवरत रोजाना चलता रहेगा। जिससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। क्योंकि ये ठीक नहीं है कि घर, परिवार छोड़कर यहीं बैठे रहें। सरकार को झुकाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी। प्रशांत किशोर ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि आप की संख्या 3000-4000 है लेकिन अगर आप की संख्या लाखों में हो जाए तो निश्चित तौर पर उनकी बातों को सुना जाएगा। अगर आपको भविष्य की चिंता है तो आप यह आंदोलन गुट में बंटकर ना करें। छात्र परीक्षा रद्द कर रीएग्जाम की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने इसे अवैध घोषित कर दिया है।