1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Kinnaur Kailash Yatra 2026 : किन्नौर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से हो रही शुरू, जानें जरूरी नियम

Kinnaur Kailash Yatra 2026 : किन्नौर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से हो रही शुरू, जानें जरूरी नियम

भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए भक्त अति दुर्गम यात्रा करते हुए उनका दर्शन करते हैं। हिमालय की गोद में बसा किन्नौर कैलाश को भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान माना जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Kinnaur Kailash Yatra 2026 : भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए भक्त अति दुर्गम यात्रा करते हुए उनका दर्शन करते हैं। हिमालय की गोद में बसा किन्नौर कैलाश को भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान माना जाता है। हर साल भक्त यहा आते हैं और आदियोगी भगवान शिव का दर्शन करते हें।इस साल 30 जुलाई से किन्नौर कैलाश यात्रा शुरू होने जा रही है। अब श्रद्धालु 30 जुलाई से 10 अगस्त के बीच किन्नौर कैलाश के पवित्र स्थल के दर्शन कर सकेंगे।

पढ़ें :- 05 सितंबर 2026 का राशिफल: शनिवार के दिन इन राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति होगी बेहतर, रुका हुआ काम बढ़ेगा आगे

इससे पहले प्रशासन ने भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते पत्थर समेत अन्य कई कारणों से यात्रा को स्थगित कर दिया था। यह यात्रा काफी कठिन मानी जाती है. ऐसे में श्रद्धालुओं को यात्रा पर निकलने से पहले सभी जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन
किन्नौर कैलाश यात्रा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित एक बेहद पवित्र और कठिन तीर्थयात्रा है। यह यात्रा लगभग 15,000 से 19,800 फीट की ऊँचाई पर स्थित 79 फीट ऊंचे विशाल प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन के लिए की जाती है।

यह ट्रैक आमतौर पर तांगलिंग (Tangling) गाँव से शुरू होता है जो रिकांगपिओ के पास है। खड़ी चढ़ाई, संकीर्ण रास्तों और अत्यधिक ऊंचाई के कारण इसे सबसे कठिन शिव यात्राओं में गिना जाता है।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
किन्नौर कैलाश यात्रा में हर दिन केवल 375 श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति होगी। साथ ही यात्रा के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज्यादा जरूरी है। जानकारी के लिए मुताबिक 4 अगस्त तक के रजिस्ट्रेशन के लिए 28 जुलाई को ऑनलाइन पोर्टल खोला गया था, जिसमें सभी स्लॉट बुक हो गए हैं। वहीं, जो श्रद्धालु ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं, उन्हें 30 जुलाई सुबह 6 बजे तक तंगलिंग गांव स्थित रजिस्ट्रेशन कैंप में पहुंचना होगा।

पढ़ें :- Surya Gochar September 2026 :  सूर्य देव स्वराशि सिंह से निकलकर कन्या राशि में करेंगे प्रवेश करेंगे,  जानें उपाय

मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य
किन्नौर कैलाश यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट साथ रखना जरूरी होगा। आधिकारिक सूचना के अनुसार, श्रद्धालु यात्रा शुरू करने से पहले अपने क्षेत्र के किसी रजिस्टर्ड मेडिकल ऑफिसल से फिटनेस सर्टिफिकेट बनवा सकते हैंं।

तंगलिंग गांव स्थित मेडिकल कैंप
इसके अलावा, तंगलिंग गांव स्थित मेडिकल कैंप में भी स्वास्थ्य जांच कराकर फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाया जा सकता है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...