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Sawan Shivratri 2026 :  सावन शिवरात्रि पर करें शिव सहस्त्रनाम का जप ,  नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी

भगवान शिव की पूजा के लिए भक्ति- शक्ति के पवित्र माह सावन शिवरात्रि का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही महादेव मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत रखने, शिवलिंग पर जल व बेलपत्र चढ़ाने तथा पार्थिव शिवलिंग बनाने से पूरे वर्ष के व्रतों का पुण्य प्राप्त होता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Sawan Shivratri 2026 : भगवान शिव की पूजा के लिए भक्ति शक्ति के पवित्र माह सावन शिवरात्रि का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही महादेव मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत रखने, शिवलिंग पर जल व बेलपत्र चढ़ाने तथा पार्थिव शिवलिंग बनाने से पूरे वर्ष के व्रतों का पुण्य प्राप्त होता है।

पढ़ें :- Sawan Shivratri 2026 : सावन शिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा, जानें जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त

कब है सावन शिवरात्रि?
हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 अगस्त को सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 12 अगस्त को रात 1 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाएगा।

पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान सावन मास में ही कालकूट विष निकला था, जिसकी जलन शांत करने के लिए देवताओं ने शिवजी का जलाभिषेक किया था। इसी परंपरा का पालन करते हुए इस दिन जल चढ़ाया जाता है।

मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” या शिव पुराण के विशेष मंत्रों का जाप करें।

शिव सहस्रनाम के नित्य जाप से मन शांत होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आंतरिक शक्ति मिलती है।

 

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