कर्नाटक के मैसूरु से कार्यस्थल पर कथित उत्पीड़न का एक गंभीर मामला (Harassment Case) सामने आया है। यहां एक महिला कर्मचारी ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या (Suicide by Consuming Pesticide) कर ली। परिवार का आरोप है कि महिला पिछले कुछ समय से नौकरी के दौरान लगातार मानसिक दबाव और परेशानियों से जूझ रही थी।
मैसूरु। कर्नाटक के मैसूरु से कार्यस्थल पर कथित उत्पीड़न का एक गंभीर मामला (Harassment Case) सामने आया है। यहां एक महिला कर्मचारी ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या (Suicide by Consuming Pesticide) कर ली। परिवार का आरोप है कि महिला पिछले कुछ समय से नौकरी के दौरान लगातार मानसिक दबाव और परेशानियों से जूझ रही थी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट (Suicide Note) में भी कार्यस्थल पर कथित प्रताड़ना और छुट्टी नहीं दिए जाने का जिक्र किया गया है।
मृतका एक कंपनी में प्रमोटर के तौर पर काम करती थी और उसकी नियुक्ति एक मार्केटिंग कंपनी (Marketing company) के माध्यम से हुई थी। परिवार के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों से वह मानसिक तनाव में थी। उसने अपने परिजनों को बताया था कि ऑफिस में उसे छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान किया जा रहा है और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जा रही है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि महिला को करीब चार महीने तक लगातार छुट्टी नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि उसने जरूरी काम के लिए इमरजेंसी लीव की मांग भी की थी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली। सुसाइड नोट में महिला ने कथित तौर पर एक सुपरवाइजर और वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि जिन मामलों में उसकी कोई गलती नहीं थी, उन्हें लेकर भी उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
महिला की मां के मुताबिक, बेटी ने उन्हें कार्यस्थल पर हो रही परेशानियों के बारे में बताया था और एक सुपरवाइजर का नाम भी लिया था। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों, कार्यस्थल के माहौल और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं?
रिपोर्ट: कल्पना पांडेय