पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई हिंसक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान सरकार को फटकार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि प्रदर्शनों के दौरान आम नागरिकों को पहुंचाए गए नुकसान और मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता 'फरहान हक' ने एक आधिकारिक बयान में साफ किया कि दुनिया में कहीं भी सभी सरकारों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देनी होगी। उन्होंने कहा, "यदि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के कारण आम लोगों को नुकसान पहुंचा है या किसी की जान गई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई हिंसक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान सरकार को फटकार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि प्रदर्शनों के दौरान आम नागरिकों को पहुंचाए गए नुकसान और मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता ‘फरहान हक’ ने एक आधिकारिक बयान में साफ किया कि दुनिया में कहीं भी सभी सरकारों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देनी होगी। उन्होंने कहा, “यदि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के कारण आम लोगों को नुकसान पहुंचा है या किसी की जान गई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
मानवाधिकार प्रमुख ने जताई गंभीर चिंता
महासचिव गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (UNHCHR) वोल्कर तुर्क के उन प्रयासों का पूरा समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने PoK में अशांति और मौतों पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने नागरिकों के प्रमुख संगठन ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ पर पाकिस्तान सरकार द्वारा लगाए गए आतंकवाद-रोधी प्रतिबंधों और उसके नेताओं की गिरफ्तारी की निष्पक्ष व स्वतंत्र पड़ताल की मांग की है।
इंटरनेट ब्लैकआउट और प्रतिबंधों पर आपत्ति
इस क्षेत्र में सार्वजनिक सभाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों और इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह ठप किए जाने पर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर आपत्ति जताई है। इसके अलावा UN ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन मानते हुए पाकिस्तान से तुरंत पूरी इंटरनेट सेवा प्रदान करने और दमनकारी कदम रोकने को कहा है।
क्या है PoK में उपजे इस तनाव का कारण?
आपको बता दें कि PoK में स्थानीय चुनाव प्रक्रियाओं और बाहरी लोगों के लिए सीटें आरक्षित करने के फैसलों के खिलाफ पिछले कुछ समय से आम जनता और स्थानीय संगठन लगातार व्यापक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हो चुके हैं। क्षेत्र में बिगड़ते हालात और भारी तनाव को देखते हुए आगामी चरणों के चुनावों को भी रोकना पड़ा है।