नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के लिए नाम का चयन करने के लिए एक खोज समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Law Minister Arjun Ram Meghwal ) करेंगे। इस समिति में वित्त मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव भी सदस्य होंगे। यह जानकारी सोमवार सूत्रों ने को दी।
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अब तक जब भी मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त सेवानिवृत्त होते थे, तो वरिष्ठतम चुनाव आयुक्त को सीईसी के पद पर नियुक्त किया जाता थआ। लेकिन पिछले साल मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के लिए एक नया कानून लागू हुआ है। इसके तहत एक खोज समिति पांच सचिव स्तर के अधिकारियों के नामों का चयन करेगी, जिन्हें बाद में सीईसी और ईसी के रूप में नियुक्त करने के लिए विचार किया जाएगा। सीईसी राजीव कुमार 18 फरवरी को 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर अपने पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
नए कानून के तहत पहली बार सीईसी की नियुक्ति
‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ के तहत पहली बार सीईसी की नियुक्ति की जा रही है। इस अधिनियम के उपयोग करके पिछले साल चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एस.एस. संधू की नियुक्ति में किया गया था, जो अनुप चंद्र पांडे और अरुण गोयल के सेवानिवृत्त होने और इस्तीफा देने के बाद पदों पर आए थे।
कानून मंत्रालय के आदेश पर गठित की गई समिति
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इस नए कानून के मुताबिक, सीईसी और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति चयन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। चयन समिति में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में लोकसभा के विपक्षी नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री होंगे। राजीव कुमार के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त हैं, जिनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है। सूत्रों के मुताबिक, यह खोज समिति 17 जनवरी को केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से जारी आदेश तहत गठित की गई और यह संसद के बजट सत्र के दौरान 31 जनवरी से बैठक कर सकती है।