कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने रविवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज की मदद से रातभर छापेमारी की गई, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया।
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अगर हेलमेट नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था: ममता बनर्जी
घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान अभिषेक ने हेलमेट पहन रखा था, जिसकी वजह से उनकी जान बच सकी। ममता के अनुसार हमले के कारण उनके शरीर में खून के थक्के जम गए थे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और दक्षिण कोलकाता डीसीपी की ओर से डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाया गया कि अभिषेक को ज्यादा देर भर्ती न रखा जाए और जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाए।
दरअसल, शनिवार को अभिषेक बनर्जी दक्षिण सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित टीएमसी कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान भारी हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके गए। धक्का-मुक्की में उनकी शर्ट तक फट गई। हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हेलमेट पहनाकर वहां से सुरक्षित निकाला।
अस्पताल से घर जाते हुए अभिषेक बनर्जी
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घटना के बाद पहले उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने घर में रहकर आराम करने की सलाह दी। बाद में उन्हें बेले व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज घर पर ही चल रहा है। गौरतलब है कि दक्षिण 24 परगना का सोनारपुर इलाका लंबे समय से राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद यहां कई हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव देखने को मिला था।