1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में सियासी बवाल, TMC के 20 बागी सांसदों की एंट्री पर विपक्ष का वॉकआउट

संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में सियासी बवाल, TMC के 20 बागी सांसदों की एंट्री पर विपक्ष का वॉकआउट

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में रविवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग होकर नई पार्टी बनाने वाले 20 बागी सांसदों को बैठक में शामिल किए जाने का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया...

By Harsh 
Updated Date

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में रविवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग होकर नई पार्टी बनाने वाले 20 बागी सांसदों को बैठक में शामिल किए जाने का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। विरोध इतना बढ़ा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आम आदमी पार्टी, झामुमो, वाम दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरा विपक्ष बैठक से सांकेतिक वॉकआउट कर गया। हालांकि कुछ देर बाद सभी दल दोबारा बैठक में लौट आए।

पढ़ें :- सीएम उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी में गूंजा पूरा ‘वंदे मातरम’, कांग्रेस बोली- सहयोगी दल पार्टी फैसले का समर्थन करें

बागी सांसदों की मौजूदगी बनी विवाद की वजह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में उस समय माहौल गरमा गया जब हाल ही में टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए सांसदों को भी आमंत्रित किया गया। विपक्ष का कहना था कि संसद की आधिकारिक सूची में ये सांसद अब भी टीएमसी के सदस्य हैं और उनके विलय को अभी तक मान्यता नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें अलग राजनीतिक दल के रूप में बुलाने का कोई आधार नहीं है।

टीएमसी ने उठाए कई सवाल

एनडीवी पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि जिस पार्टी को संसद की वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त दल के रूप में दर्ज ही नहीं किया गया है, उसे सर्वदलीय बैठक में शामिल करना नियमों के खिलाफ है। उनका कहना था कि जब तक संसदीय प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक इन सांसदों को अलग पहचान नहीं दी जा सकती।

पढ़ें :- कुशवाहा, मौर्य, शाक्य और सैनी समाज अब फिर सपा का 'जंगलराज' नहीं आने देगा: केशव मौर्य

महुआ मोइत्रा ने सरकार पर साधा निशाना

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि विपक्ष का वॉकआउट लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सम्मान में किया गया सांकेतिक विरोध था। उन्होंने कहा कि लोकसभा सचिवालय के रिकॉर्ड में टीएमसी के 28 सांसद दर्ज हैं और 20 बागी सांसदों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर अभी फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में संसदीय कार्य मंत्रालय ने उन्हें किस आधार पर अलग दल मानकर बैठक में बुलाया यह बड़ा सवाल है। महुआ ने यह भी कहा कि 91वें संविधान संशोधन के बाद अलग संसदीय ब्लॉक बनाने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए सरकार का यह कदम संसदीय परंपराओं के विपरीत है।

पिछले महीने बनी थी नई पार्टी

दरअसल पिछले महीने टीएमसी के 20 सांसदों ने पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के गठन का ऐलान किया था। इसके बाद पहली बार उन्हें किसी सर्वदलीय बैठक में बुलाया गया, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

एनसीपीआई ने सरकार का जताया आभार

पढ़ें :- सपा सांसद नीरज मौर्य की पहल लाई रंग: ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं को भी मिलेगी 25 दिन में गैस, पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय के मंत्री को लिखा था पत्र

विवाद के बीच एनसीपीआई ब्लॉक की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का अवसर देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को चर्चा में शामिल होने का मौका मिला, जिसके लिए वे सरकार की धन्यवाद करती हैं। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में पहले ही दिन से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के संकेत मिल गए हैं। माना जा रहा है कि यह विवाद आगामी सत्र के दौरान भी राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...