Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी नौसेना में हुआ शामिल, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने युद्धपोत की बताई विशेषताएं

एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी नौसेना में हुआ शामिल, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने युद्धपोत की बताई विशेषताएं

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विशाखापत्तनम में एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी को नौसेना में शामिल किया। यह युद्धपोत भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17A के तहत एक एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट है। इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान के साथ-साथ भारतीय नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। तारागिरी को ऐसे समय में नौसेना में शामिल किया गया है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा के बदलते समीकरणों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भागीदारी के कारण भारत के पूर्वी समुद्री तट का रणनीतिक और समुद्री महत्व लगातार बढ़ रहा है। तारागिरी को नौसेना में शामिल करना, नौसेना के अपने बेड़े को बढ़ाने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के ज़रिए अपनी युद्धक तत्परता और ऑपरेशनल ताकत को मज़बूत करने पर उसके लगातार फोकस को दिखाता है।

पढ़ें :- लखनऊ-कानपुर का सफर हुआ आसान: 35-45 मिनट में पूरा होगा सफर, CM योगी बोले-यह सब आज नए उत्तर प्रदेश की है पहचान

प्रोजेक्ट 17A क्लास के चौथे शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के तौर पर तारागिरी सिर्फ़ एक जहाज़ नहीं है, यह मेक इन इंडिया की भावना और हमारे स्वदेशी शिपयार्ड की बेहतरीन इंजीनियरिंग क्षमताओं का 6,670 टन का जीता-जागता उदाहरण है। मुंबई के मज़गांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा बनाया गया यह फ्रिगेट, पिछले डिज़ाइनों के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। इसका आकार ज़्यादा सुडौल है और इसका रडार क्रॉस-सेक्शन काफ़ी कम है, जिससे यह पूरी तरह से छिपकर दुश्मन पर हमला कर सकता है। इसमें 75 प्रतिशत से ज़्यादा स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। यह जहाज़ हमारे घरेलू औद्योगिक इकोसिस्टम की परिपक्वता को दिखाता है, जिसमें अब 200 से ज़्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम शामिल हैं। ये उद्यम भारत सरकार की आत्मनिर्भरता की पहलों में योगदान दे रहे हैं और हज़ारों भारतीयों को रोज़गार दे रहे हैं। कंबाइंड डीज़ल या गैस प्रोपल्शन प्लांट से चलने वाला तारागिरी, तेज़ गति- लंबी दूरी की बहुमुखी क्षमता और कई तरह के समुद्री ऑपरेशन्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस जहाज़ में दुनिया के बेहतरीन हथियार लगे हैं, जिनमें सुपरसोनिक ‘सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें’, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें’ और पनडुब्बियों से लड़ने के लिए खास हथियार शामिल हैं। ये सभी सिस्टम एक अत्याधुनिक ‘कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम’ के ज़रिए आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे जहाज़ का क्रू किसी भी खतरे का जवाब पलक झपकते ही पूरी सटीकता के साथ दे सकता है। समुद्र में दुश्मन का पता लगाकर उसे नष्ट करने वाले एक बेहतरीन शिकारी जहाज़ की भूमिका के अलावा, तारागिरी को आधुनिक कूटनीति की जटिलताओं और मानवीय संकटों से निपटने के लिए भी तैयार किया गया है।

Advertisement