लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav) ने रविवार को राजधानी लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर लोकतंत्र बचाने वाले बहादुर ‘नंदलाल’ को जनता के सामने लाकर भाजपा द्वारा विपक्ष के ख़ासतौर से पीडीए में शामिल अल्पसंख्यकों के वोट काटने के षड्यंत्र का भंडाफोड़ किया है। भाजपाइयों ने नंदलाल के हस्ताक्षर करवाकर फ़ार्म 7 के सैकड़ों फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाए थे, जबकि वो दस्तख़त करता ही नहीं है बल्कि अंगूठा लगाता है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाइयों, उनके संगी-साथियों और समर्थकों के लिए देश और देशवासियों को सरेआम धोखा देनेवाले, इस शर्मनाक रहस्योद्घाटन से अधिक लज्जित करनेवाली बात और क्या हो सकती है। घपलेबाज़ों का साथ देनेवाले भाजपाई आज सिर्फ़ आंख ही नहीं, सिर भी नीचा करके खड़े हैं। आज भाजपाई होना एक नकारात्मक शब्द बन गया है क्योंकि समाज ऐसे लोगों को धोखा देनेवाले अपराधियों की तरह देखने लगा है और बिन कहे ही समाज-बिरादरी से बहिष्कृत करने लगा है।
आज लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस में हमने लोकतंत्र बचानेवाले बहादुर ‘नंदलाल’ को जनता के सामने लाकर भाजपा द्वारा विपक्ष के ख़ासतौर से पीडीए में शामिल अल्पसंख्यकों के वोट काटने के षड्यंत्र का भंडाफोड़ किया है। भाजपाइयों ने नंदलाल के हस्ताक्षर करवाकर फ़ार्म 7 के सैकड़ों फ़र्ज़ी दस्तावेज़… pic.twitter.com/F4FbW84Saz
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 8, 2026
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आज जनता जब भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को देखकर कटाक्ष करती है कि ‘देखो भाजपाई जा रहा है!’ तो भाजपा के समर्थक बहुत असहज और अपमानित महसूस करते हैं। ऐसे में भाजपाइयों को लगता है जैसे वो एक दल या समूह का हिस्सा न होकर किसी गैंग-गिरोह के हिस्से हैं। भाजपा में जो गिनती के कुछ अच्छे लोग बचे भी हैं, सबसे ज़्यादा अपराधबोध उन्हीं को होता है, वो भी अब भाजपा की काली करतूतों से शर्मिंदा होकर भाजपा से तेज़ी से विमुख हो रहे हैं। भाजपा में बस एक-दूसरे को ठगनेवाले मौसेरे ही बचेंगे।
उन्होंने कहा कि जो भाजपाई बेशर्मों की तरह कैमरे के सामने वोट ख़ारिज करने की ‘चंडीगढ़ी-चाल’ सरेआम चल सकते हैं, वो भाजपाई चुनाव जीतने के लिए पीठ पीछे क्या-क्या घोटाले कर सकते हैं, इसका अंदाज़ा कोई शातिर भी नहीं लगा सकता है। पूर्व विधायक अरुण वर्मा जैसे सभी जागरूक और सक्रिय पीडीए प्रहरियों और उनके सभी सहयोगियों का अभिनंदन जो ‘लोकतंत्र सेनानी’ के रूप में, इतिहास में दर्ज़ होने लायक अपनी सजग भूमिका बख़ूबी निभा रहे हैं। वो सभी सच्चे पत्रकार भी प्रशंसा के हक़दार हैं जो लोकतंत्र को बचाने में लगे हैं, उन सबका भी अभिनंदन।