Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पुस्तक पर हंगामे के बीच पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की बड़ी प्रतिक्रिया ,बोले-‘किताब का स्टेटस ये है…’

‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पुस्तक पर हंगामे के बीच पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की बड़ी प्रतिक्रिया ,बोले-‘किताब का स्टेटस ये है…’

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Former Army Chief MM Naravane) ने अपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) पर चल रहे विवाद के बीच पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुस्तक की ताजा स्थिति को लेकर 7 शब्दों की एक प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही उन्होंने किताब के प्रकाशक पेंगुइन इंडिया (Penguin India) के एक पोस्ट को रिपोस्ट किया है।

पढ़ें :- पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' नहीं हुई है पब्लिश, पेंग्विन इंडिया ने जारी किया बयान

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Former Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने एक्स पर लिखा है, कि पुस्तक का ताजा स्थिति ये है। ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) के कंटेट पर चल रहे विवाद के बीच पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Former Army Chief General Manoj Mukund Naravane)  की ये पहली प्रतिक्रिया है। इससे पहले पेंगुइन इंडिया (Penguin India)  ने कहा  कि ये किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन रेंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) ने कहा है कि हमारे पास इस किताब के प्रकाशन का पूरा अधिकार है।

पढ़ें :- प्रियंका गांधी वाड्रा बोलीं-पीएम मोदी स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं, सदन में आने की नहीं थी हिम्मत

पेंगुइन इंडिया (Penguin India) ने कहा है कि हम ये स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि ये किताब अभी छपी नहीं है, किताब की कोई भी कॉपी या तो डिजिटल फॉर्मेट में या प्रिंट फॉर्मेट में प्रकाशित नहीं हुई है। न ही इसे डिस्ट्रीब्यूट किया गया है और न ही बेचा गया है। इस पोस्ट के जरिये पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Former Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने यह मान लिया है कि ये किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई। बता दें कि कुछ ही दिन पूर्व नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस किताब को संसद भवन के सामने लहराया था।

किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India)  ने आगे कहा कि किसी भी फॉर्मेट या किसी भी प्लेटफॉर्म पर पुस्तक की मौजूदगी कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। पब्लिशर ने कानूनी उपायों का सहारा लेने की बात की है और कहा है कि वह किताब के गैर-कानूनी और बिना इजाजत के बंटवारे के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करेगा। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India)  ने कहा है कि किताब की कोई भी कॉपी जो अभी सर्कुलेशन में है, चाहे पूरी हो या आधी, प्रिंट, डिजिटल, पीडीएफ, या किसी भी दूसरे फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन ये PRHI के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

 

Advertisement