आमतौर पर खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से डायबिटीज होती है। इसके अलावा भी डायबिटीज के कई कारण हो सकते है जिसमें से एक है विटामिन की कमी। एक डी की कमी से शरीर में इंसुलिनकेकाम करने के तरीके को बिगाड़ सकती है, जिससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
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विटामिन डी सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्किहमारे शरीर के इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिज्म को भी कंट्रोल करता है। यह इंसुलिन के उत्पादन और उसके असर को बेहतर बनाने में मदद करता है। जब शरीर में विटामिन डी की कमी होती है को इंसुलिन ठीक से कामनहीं करता है और ब्लड शुगर बढ़ने लगता है। जिसकीवजहसे आपको टाइप 2 डायबिटीज की दिक्कत शुरु हो डाती है।
विटामिन डी की कमी होने पर व्यक्ति को हमेशा थकान महसूस होती है। मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द, बार बार बीमार पड़ने लगता है। वजन तेजी से कम होने लगता है।
विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए डेली पंद्रह से बीस मिनट की धूप शरीर को विटामिन डी देती है। इसके अलावा अंडे का पीली हिस्सा जर्दी का सेवन करना चाहिए।
इसके अलावा डाइट में दूध और अनाज और मशरुम का खूब सेवन करें। अगर शुरुआत में ही विटामिन D की कमी को पहचान कर उसे पूरा किया जाए, तो डायबिटीज का रिस्क काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही, एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और स्ट्रेस कंट्रोल भी इसमें मदद करते हैं।