Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. असम : बराक घाटी के होटलों में बांग्लादेशी नागरिकों की एंट्री बैन, हिंदुओं पर हमलों के विरोध में उठाया बड़ा कदम

असम : बराक घाटी के होटलों में बांग्लादेशी नागरिकों की एंट्री बैन, हिंदुओं पर हमलों के विरोध में उठाया बड़ा कदम

By santosh singh 
Updated Date

असम। बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बाद असम के होटल संचालकों ने बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत किसी भी होटल में बांग्लादेशियों को एंट्री नहीं मिलेगी। असम की बराक घाटी, जो बांग्लादेश (Bangladesh) के सिलहट क्षेत्र (Sylhet Region) से 129 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करती है। होटल एसोसिएशन (Hotel Association) ने यह बड़ा कदम उठाया है।

पढ़ें :- Padma Awards 2026 : 131 हस्तियों को मिला पद्म सम्‍मान, जानें लिस्‍ट में हैं और कौन-कौन नाम?

एसोसिएशन ने घोषणा की है कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में, वे तब तक बांग्लादेशी नागरिकों को अपनी सेवाएं नहीं देंगे जब तक कि वहां के हालात में सुधार नहीं होता और हिंदुओं पर अत्याचार बंद नहीं होते।

बांग्लादेशी नागरिकों का विरोध जारी

बराक घाटी के कछार, श्रीभूमि (पूर्व में करीमगंज) और हैलाकांडी जिलों में स्थित होटल और रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबुल राय (Hotel and Restaurant Association President Babul Rai) ने शुक्रवार को बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक है। हम इसे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं कर सकते, इसलिए हमनें फैसला किया है कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता और हिंदुओं पर अत्याचार बंद नहीं हो जाते, तब तक हम बांग्लादेशी नागरिकों को अपनी सेवाएं नहीं देंगे। यह विरोध जताने का हमारा तरीका है।”

उन्होंने यह भी कहा, कि बांग्लादेश के लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश में स्थिरता लौट आए। अगर स्थिति में सुधार होता है, तभी हम अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

पढ़ें :- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के विमान का एक इंजन बंद, उठने लगा धुआं, जानें फिर क्या हुआ?

सिलचर में भी हुआ था विरोध

इससे पहले, बजरंग दल (Bajrang Dal) ने सिलचर में आयोजित एक वैश्विक प्रदर्शनी के आयोजकों से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में बांग्लादेशी उत्पाद बेचने वाले दो स्टॉल बंद करने की मांग की थी, जिसे मान लिया गया था। इसी बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली में एक विरोध मार्च आयोजित करने का ऐलान किया है। इस मार्च में 200 से अधिक सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और वे बांग्लादेश दूतावास तक मार्च करेंगे।

Advertisement