Attempted drone attack on Mecca : सऊदी अरब की सुरक्षा प्रणालियों ने मंगलवार शाम को मक्का के हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर और इस धर्म को मानने वालों के लिए आस्था का मुख्य केंद्र है। हमले की इस नाकाम कोशिश का आरोप ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों पर लगा है। लेकिन उन्होंने मक्का को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। इस बीच, पाकिस्तान और 57 देशों इस्लामिक देशों ने इसकी कड़ी निंदा की है।
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दरअसल, मक्का पैगंबर मुहम्मद का जन्मस्थान है और यहीं काबा स्थित है। यह काले रंग की घन (क्यूब) के आकार की संरचना है, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान दिन में पांच बार नमाज़ पढ़ते समय रुख करते हैं। मुसलमानों का मानना है कि पैगंबर मुहम्मद को सबसे पहले मक्का में ही इस्लाम की पवित्र किताब, कुरान के रूप में ईश्वर का संदेश (वही) प्राप्त हुआ था। मंगलवार को ड्रोन हमले की कोशिश को लेकर सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा प्रणालियों ने मक्का के हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया।
अल-मल्की ने कहा कि पवित्र शहर की सुरक्षा एक “रेड लाइन” (अति-संवेदनशील मुद्दा) है और सऊदी सेना “दुश्मनाना और आतंकवादी गतिविधियों” के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं करेगी। पड़ोसी देश यमन में ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया। लेकिन इस आरोप की पूरे इस्लामी जगत में निंदा हुई, जिसमें पाकिस्तान और 57 देशों वाले ‘ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन’ (इस्लामी सहयोग संगठन) भी शामिल हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘मैं मक्का अल-मुकर्रमा के पवित्र स्थल पर ड्रोन से किए गए कायराना और घिनौने हमले की कोशिश की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं। पाकिस्तान के लोग इस शर्मनाक हरकत से दुखी और परेशान हैं। इस निंदनीय और अक्षम्य हरकत से हमें जो गहरा दुख और पीड़ा हुई है, उसे बयां करने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। हम रॉयल सऊदी सशस्त्र बलों की असाधारण सतर्कता, साहस और पेशेवर रवैये को सलाम करते हैं, जिन्होंने तुरंत और बहादुरी से कार्रवाई की।’
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शरीफ ने आगे लिखा, ‘मैं एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करता हूँ कि वे ज़्यादा से ज़्यादा संयम बरतें और तनाव को और बढ़ने से रोकें। हमारा क्षेत्र पहले ही संघर्षों से बहुत कुछ झेल चुका है। बातचीत और कूटनीति ही शांति की ओर ले जाने वाला एकमात्र टिकाऊ रास्ता है। पाकिस्तान, सऊदी अरब के मित्र देश के साथ उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के साथ-साथ हरमैन शरीफैन की सुरक्षा और पवित्रता के लिए पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ खड़ा है – यह एक ऐसा कर्तव्य है जिसे हर पाकिस्तानी अपने दिल के करीब मानता है।’