ओबीसी के कद्दावर नेता माने जाने वाले रामाश्रय कुशवाहा ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 2027 में अखिलेश यादव को सीएम बनाना है।
UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में बीजेपी के नेता और छह बार मंत्री रह चुके प्रोफेसर रामाश्रय कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। खास बात यह है कि कुशवाहा पहले भी समाजवादी पार्टी के साथ रह चुके हैं। उनके सपा में शामिल होने के मौके पर अलग-अलग दलों और संगठनों से जुड़े कई लोगों ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सपा में वापसी के बाद रामाश्रय कुशवाहा ने अपने संबोधन में मुलायम सिंह यादव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी ऐसा महसूस होता है कि नेताजी उनके बीच मौजूद हैं। कुशवाहा ने अखिलेश यादव को भी मुलायम सिंह यादव जैसा सम्मान और पद मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि जहां सम्मान मिलता है, वहीं व्यक्ति जुड़ा रहता है।
कुशवाहा ने अपने समर्थकों से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे, तब तक घर नहीं बैठेंगे। उनके इस बयान को 2027 के चुनाव से पहले सपा की राजनीतिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 17, 2026
रामाश्रय कुशवाहा की ज्वाइनिंग के दौरान आरएलडी, बीजेपी, निषाद पार्टी, बीएसपी, अपना दल और AIMIM समेत अलग-अलग संगठनों से जुड़े लोगों के सपा में शामिल होने की बात भी सामने आई।
वहीं, अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा जयंती के मौके पर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर विश्वकर्मा जयंती की छुट्टी फिर से बहाल की जाएगी। साथ ही रिवर फ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा के भव्य और आधुनिक मंदिर के निर्माण की बात कही।
अखिलेश ने एक्सप्रेसवे को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कभी मां गंगा बुलाएं तो गंगा एक्सप्रेसवे से नहीं जाना चाहिए। यह खबर 2027 से पहले BJP से SP में नेताओं और समर्थकों के जुड़ने के घटनाक्रम और अखिलेश यादव के बयानों पर केंद्रित है।