अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या जिले के रावत मंदिर (Rawat Temple) के महंत राम मिलन दास (Mahant Rammilan Das) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शनिवार शाम को खाना खाने के बाद अचानक उनके मुंह से झाग निकलने लगा। आनन-फानन में शिष्य उन्हें अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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बता दें कि महंत के मुंह से झाग निकलने और हालात संदिग्ध मिलने के बाद पुलिस ने मामला जांच में लिया है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक नौकरानी पर जहर देने का आरोप लग रहा है। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) मौके पर जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, अयोध्या कोतवाली (Ayodhya Police Station) क्षेत्र के नया घाट चौकी अंतर्गत स्थित रावत मंदिर (Rawat Temple) के महंत राममिलन दास (Mahant Rammilan Das) की तबीयत देर शाम अचानक बिगड़ गई। मंदिर में रह रहे पवन नामक व्यक्ति ने तुरंत पुलिस और आसपास के लोगों को सूचना दी। आनन-फानन में महंत को श्रीराम चिकित्सालय (Shri Ram Hospital) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि जब महंत को अस्पताल लाया गया, तब उनके मुंह से झाग निकल रहा था और शरीर पर असामान्य लक्षण दिख रहे थे, जिससे विषाक्त पदार्थ सेवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नौकरानी पर जहर देने का शक, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, महंत के साथ रहने वाली नौकरानी पर जहर देने का शक जताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने कहा है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट (Forensic Report) आने के बाद ही मौत के असली कारण का खुलासा होगा। पुलिस ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही नौकरानी और मंदिर के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
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घटना स्थल पर पहुंचे डीएम और एसएसपी
मामले की जानकारी मिलते ही अयोध्या जिलाधिकारी निखिल टीकाराम पांडेय (Ayodhya District Magistrate Nikhil Tikaram Pandey) और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर (SSP Dr. Gaurav Grover) समेत आलाधिकारी श्रीराम अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने डॉक्टरों से मामले की जानकारी ली और पुलिस को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम और एसएसपी ने बाद में मंदिर परिसर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने महंत के कमरे और रसोईघर से कई नमूने एकत्र किए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महंत ने मृत्यु से पहले क्या खाया या पिया था।
महंत राममिलन दास (Mahant Rammilan Das) की अचानक हुई मौत से अयोध्या के संत-महंत समाज में शोक और आक्रोश व्याप्त है। कई प्रमुख संतों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। स्थानीय संतों का कहना है कि महंत का स्वभाव शांत और धार्मिक प्रवृत्ति वाला था। वे पिछले कई वर्षों से रावत मंदिर में सेवा कार्य में लगे थे और सभी के बीच प्रिय थे।
फॉरेंसिक जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, मंदिर के अंदर फॉरेंसिक जांच टीम (Forensic Investigation Team) ने रसोई और भोजन सामग्री के सैंपल लिए हैं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि महंत ने किस तरह का भोजन किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) और लैब परीक्षण के बाद ही मौत के असली कारणों पर से पर्दा उठेगा।
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पुलिस बोली- हर पहलू पर हो रही जांच
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर (SSP Dr. Gaurav Grover) ने कहा कि “मामला संवेदनशील है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। नौकरानी सहित मंदिर से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि महंत की मौत किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या और आत्महत्या दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।