पटना : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट (Bankipur Assembly Seat) इन दिनों चर्चा में है। यहां उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई। इस बीच कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने बड़ा बयान देते हुए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (Jan Suraaj founder Prashant Kishor) को समर्थन देने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और महागठबंधन के अन्य सहयोगी दल एकजुट होकर प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) का समर्थन करें, तो इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराया जा सकता है।
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ऋषि मिश्रा ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट (Bankipur Assembly Seat) पिछले करीब तीन दशक से बीजेपी का गढ़ रही है, लेकिन इस बार राजनीतिक परिस्थितियां बदली हुई हैं। उनके मुताबिक, विपक्ष अगर बिखरने के बजाय एकजुट होकर चुनाव लड़े, तो बीजेपी को कड़ी चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी (BJP) को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को अपने मतभेद भुलाकर साझा रणनीति बनानी चाहिए।
नितिन नबीन ने छोड़ी सीट
मालूम हो कि, बांकीपुर विधानसभा सीट (Bankipur Assembly Seat) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (BJP National President Nitin Nabin) के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना होगी। उधर, जन सुराज पहले ही ऐलान कर चुका है कि वह बांकीपुर उपचुनाव पूरी ताकत से लड़ेगा। पार्टी की ओर से संकेत दिए गए हैं कि संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) खुद इस सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। उनकी उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा 5 जुलाई यानी आज हो सकती है।
क्या होगी महागठबंधन की रणनीति?
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्ष एकजुट नहीं हुआ तो बीजेपी को फायदा मिल सकता है, जबकि विपक्षी वोटों का ध्रुवीकरण होने पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल RJD और कांग्रेस की ओर से प्रशांत किशोर के समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है। कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की आगामी राजनीति का सेमीफाइनल माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या महागठबंधन प्रशांत किशोर के पक्ष में कोई साझा रणनीति बनाता है या फिर सभी दल अलग-अलग उम्मीदवार उतारकर चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते हैं।