बरौनी। बिहार के बरौनी जंक्शन (Barauni Junction) पर शंटिंग के दौरान कोऑर्डिनेशन की कमी की वजह से शनिवार को एक प्वाइंट्समैन की दर्दनाक मौत हो गई। रेलवे की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में इस हादसे की वजह दो रेलकर्मियों के बीच सही तालमेल न होना बताया गया है। यह हादसा शनिवार को जब इंजन और बोगी को अलग करने के दौरान शंटिंगमैन अमर कुमार बीच में फंस गए और दबने से मौत हो गई। इस घटना की तस्वीर वायरल हुई तो कई सवाल खड़े हो गए।
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एजेंसी के अनुसार, रेलवे की जो प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई है, उसमें पांच अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शंटिंगमैन अमर कुमार और मोहम्मद सुलेमान के बीच शंटिंग प्रक्रिया के दौरान सही तरीके से तालमेल नहीं हुआ। इसकी वजह से सुलेमान ने इंजन ड्राइवर को गलत मैसेज दिया और अमर कुमार को जान गंवानी पड़ी। रेलवे में कोच को इंजन से अलग करने की जिम्मेदारी शंटिंगमैन की होती है। रिपोर्ट में घटना के लिए प्राथमिक तौर पर सुलेमान को जिम्मेदार ठहराया गया है।
वहीं सुलेमान ने अपने लिखित बयान में इस आरोप का खंडन किया और इसके लिए इंजन ड्राइवर को जिम्मेदार कहा है। सुलेमान ने कहा कि मैंने और अमर ने कपलर को हटाकर इंजन और बोगी को अलग कर दिया था, लेकिन इसके बाद अचानक इंजन पीछे की ओर आ गया। सुलेमान का कहना है कि मैंने ड्राइवर को कोई इशारा नहीं दिया था, फिर भी उसने रिवर्स कर दिया, जिससे अमर कुमार बफर्स के बीच फंस गए और उनकी मौत हो गई। इस घटना के करीब दो घंटे बाद शव को निकालकर प्लेटफार्म पर रखा गया था।
बफर ट्रेन के इंजन और कोच के दोनों सिरों पर लगा एक ऐसा उपकरण होता है, जो दो बोगियों के बीच टकराव के असर को कम करता है। इस घटना के बाद बरौनी जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक किए गए, जिसमें यह घटना सुबह 8:29 बजे होती दिखाई दी।
सीनियर लेवल पर होगी हादसे की जांच
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रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस नंबर 15204 (Lucknow-Barauni Express No. 15204) सुबह 8:10 बजे बरौनी जंक्शन पर पहुंची थी और स्टेशन मास्टर ने अमर और सुलेमान को इंजन को कोच से अलग करने का काम सौंपा था, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान अमर फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अमर कुमार का शव सुबह 10:15 बजे इंजन और कोच को अलग कर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। रेल अधिकारियों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए सीनियर लेवल पर जांच के आदेश दिए गए हैं। घटना को लेकर डीआरएम विवेक भूषण (DRM Vivek Bhushan) ने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। आगे इस तरह का हादसा न हो, इसको लेकर गंभीरता बरती जाएगी। इसके साथ ही कर्मी की मौत के बाद जो रेलवे प्रावधान है, उसके तहत मुआवजा दिया जाएगा। मृतक ने पिता के निधन के बाद साल 2021 में अनुकंपा पर रेलवे में नौकरी ज्वाइन की थी।