BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू की स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। नवाबाद पुलिस को 3 सितंबर 2026 तक जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा गया है। हालांकि अभी FIR दर्ज करने का आदेश नहीं दिया गया है।
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मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मानद सचिव और पूर्व डिप्टी एसपी सुदर्शन मेहता की शिकायत के बाद सामने आया। उनका आरोप है कि जूनियर क्रिकेट में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की पात्रता हासिल करने के लिए मन्हास ने अलग-अलग रिकॉर्ड में अलग जन्मतिथि दर्ज कराई।
दो रिकॉर्ड में अलग जन्मतिथि
शिकायत के मुताबिक MHAC स्कूल, नागबनी के रिकॉर्ड में मन्हास की जन्मतिथि 9 दिसंबर 1977 है, जबकि DDCA की वेबसाइट पर 12 अक्टूबर 1979 दर्ज होने का दावा किया गया है। दोनों तारीखों में करीब दो साल का अंतर है। शिकायतकर्ता ने इसे आधार बनाकर धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग की है।
J&K से दिल्ली और फिर BCCI तक
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मन्हास ने J&K की अंडर-15, अंडर-16 और अंडर-19 टीमों से क्रिकेट खेला। 1995 में अंडर-19 स्तर पर करीब 750 रन बनाने के बाद वह चर्चा में आए। 1997 में उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया।
2006 से 2008 तक दिल्ली की कप्तानी करने वाले मन्हास की अगुआई में टीम ने 2007-08 में रणजी ट्रॉफी जीती। IPL में उन्होंने 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स से शुरुआत की और बाद में पुणे वॉरियर्स इंडिया और चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे।
सितंबर 2025 में मन्हास BCCI अध्यक्ष चुने गए थे। वह जम्मू-कश्मीर से इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं। अब पुलिस जांच की रिपोर्ट से ही जन्मतिथि को लेकर लगाए गए आरोपों की स्थिति साफ होगी।