Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Bengaluru Robbery : बंगलूरू में फिल्मी स्टाइल लूट, सात करोड़ लेकर फरार हुए नकली ‘RBI अफसर’

Bengaluru Robbery : बंगलूरू में फिल्मी स्टाइल लूट, सात करोड़ लेकर फरार हुए नकली ‘RBI अफसर’

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। बंगलूरू की सड़कों पर बुधवार दोपहर एक ऐसी घटना घटी, जिसने सबको हैरान कर दिया। पांच से छह बदमाश, खुद को आरबीआई अधिकारी (RBI officer) बताकर, एक बख्तरबंद कैश वैन से 7.1 करोड़ रुपये ले उड़े। पूरी वारदात इतनी सलीके से रची गई कि सब कुछ सिर्फ आधे घंटे में पूरा हो गया।

पढ़ें :- हुमायूं कबीर ने ममता को दिया प्रस्ताव, आप 'मेरी सीट से लड़ें उपचुनाव, मैं दूंगा साथ', बोले-जो भी हूं आपकी वजह से हूं

कैसे शुरू हुई झूठी ‘जांच’ की कहानी?

दोपहर करीब 12:30 बजे, सीएमएस इंफो सिस्टम्स (CMS Info Systems) की कैश वैन एचडीएफसी बैंक (जेपी नगर) से तीन कैश बॉक्स लेकर 22 किमी दूर एचबीआर लेआउट जा रही थी। अचानक जयनगर के अशोक पिलर के पास एक मारुति जेन कार ने वैन को रोक दिया। इसके साथ ही पीछे से एक इनोवा (MUB) भी आकर रुकी। जेन कार में से तीन लोग उतरे और वैन के कर्मचारियों से बोले- ‘हम आरबीआई अधिकारी हैं, आपकी कंपनी पर नियम तोड़ने का आरोप है, बयान लेना है।’ इस घटना के दौरान कैश वैन में चार लोग थे- ड्राइवर बिनोद कुमार, कस्टोडियन आफताब और दो गनमैन राजन्ना व तम्मैया। स्टाफ बिना शक किए उनके साथ एमयूवी में बैठ गया और अपनी राइफलें वैन में ही छोड़ दीं।

नकली अफसरों का नया बहाना

बड़ी कार में बैठे बदमाशों ने बताया कि पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन जाना होगा और कैश बॉक्स आरबीआई ऑफिस ले जाए जाएंगे। स्टाफ को उन्होंने सिद्धापुर पुलिस स्टेशन (Sidhapur Police Station) की ओर पैदल भेज दिया। ड्राइवर को अलग निर्देश मिला, वह वैन लेकर डेयरी सर्किल फ्लाइओवर पर जाकर इंतजार करे।

पढ़ें :- ​तमिलनाडु में राज्यसभा की एक सीट कांग्रेस को देकर CM विजय खेल गए बड़ा गेम, लोकसभा चुनाव पर 2029 नजर

तीन मिनट में पूरा कैश साफ

इसके बाद डेयरी सर्किल (Dairy Circle) पर ड्राइवर बिनोद इंतजार कर रहा था। तभी कार वहां पहुंची। इस दौरान बदमाशों ने बंदूक दिखाकर कैश बॉक्स वैन से निकाले और पास खड़ी मारुति वैगन-आर में डाल दिए। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। इस दौरान जिस कार में वे लोग आए थे उसे वहीं छोड़ दी। ड्राइवर को कुछ समझ नहीं आया कि अभी जो ‘अफसर’ थे, वही असल में लुटेरे थे।

पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी

बंगलूरू पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह (Bengaluru Police Commissioner Seemant Kumar Singh) ने बताया कि सीएमएस (CMS) ने शिकायत करने में देर की, जिससे समय हाथ से निकल गया। अब आठ स्पेशल टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं। वहीं मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एमयूवी के आगे भारत सरकार का लोगो लगा था। लेकिन जांच में सामने आया कि उसकी नंबर प्लेट फर्जी थी।

पढ़ें :- Rajya Sabha Elections 2026 : बीजेपी ने 6 राज्यों की 11 सीटों पर तय किए नाम, मध्यप्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार
Advertisement