लंदन में वैश्विक पर्यावरण कार्यकर्ता 'ग्रेटा थनबर्ग' ने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) यूके द्वारा लंदन के प्रतिष्ठित ट्रैफलगर स्क्वायर पर आयोजित एक रैली के दौरान भारतीय छात्रों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा है कि भारत के युवाओं और छात्रों के संघर्ष पर पूरी दुनिया को नाज है। यह विरोध प्रदर्शन भारत में NEET परीक्षा में हुई पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलनों के समर्थन में आयोजित किया गया था।
लंदन। लंदन में वैश्विक पर्यावरण कार्यकर्ता ‘ग्रेटा थनबर्ग’ ने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) यूके द्वारा लंदन के प्रतिष्ठित ट्रैफलगर स्क्वायर पर आयोजित एक रैली के दौरान भारतीय छात्रों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा है कि भारत के युवाओं और छात्रों के संघर्ष पर पूरी दुनिया को नाज है। यह विरोध प्रदर्शन भारत में NEET परीक्षा में हुई पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलनों के समर्थन में आयोजित किया गया था। भारत में छात्रों के लगातार 36 दिनों तक विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। इस रैली का आयोजन छात्रों की जीत के जश्न और एकजुटता प्रकट करने के लिए किया गया था।
पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने कहा-
"भारतीय छात्रों के विरोध-प्रदर्शन ने हम सभी को गौरवान्वित किया है"#GretaThunberg | Greta Thunberg | #CJP | CJP Protest pic.twitter.com/M5E1lAmAw5— Tazza Khabren (@tazzakhabren17) July 27, 2026
ग्रेटा थनबर्ग के संबोधन की मुख्य बातें
‘ग्रेटा थनबर्ग’ ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “भारतीय छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने हम सभी को गौरवान्वित किया है। वे हमें उम्मीद देते हैं।” इसके अलावा थनबर्ग ने आगे कहा कि भारत के छात्रों का यह संघर्ष दुनिया को दिखाता है कि जब लोग एकजुट होकर खड़े होते हैं, तो वे क्या हासिल कर सकते हैं। यह लोकशक्ति का एक सबसे अच्छा उदाहरण है। साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि न्याय, लोकतंत्र और आजादी के लिए भारतीय छात्रों की लड़ाई केवल उनकी नहीं है, बल्कि हम सबकी भी है। इसलिए इस न्यायपूर्ण लड़ाई में पूरी दुनिया को भारत के युवाओं के साथ खड़ा होना चाहिए। आपको बता दें कि लंदन में आयोजित इस सभा में भारतीय छात्र संगठनों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और छात्र अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने भारत की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधारों की मांग को दोहराया।