बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपनी अपनी जीत की तैयारी कर रही हैं । लेकिन किसकी सरकार बनेगी ? इसका जवाब तो 10 दिनों में आने वाला है। दरअसल सर्वे में राज्य में सत्तारूढ़ NDA को बढ़त के संकेत हैं। इसमें पीएम मोदी की लोकप्रियता से काफी लाभ मिलने का संकेत है।
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सर्वे में क्या
एक मीडिया के ओपिनियन पोल के आंकड़े बता रहे हैं कि 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग उनके चेहरे पर वोट देना चाहते हैं। बिहार में विधानसभा चुनाव पहले चरण के लिए प्रचार मंगलवार को समाप्त हो गया। ओपिनियन पोल के मुताबिक, 63 फीसदी लोग पीएम मोदी के नाम पर वोट देने के संकेत दे रहे हैं। वहीं, 9 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्होंने अब तक तय नहीं किया है कि चुनाव में पीएम मोदी की लोकप्रियता का असर कितना होगा। जबकि, 19 प्रतिशत लोगों ने कोई भी असर पड़ने से इनकार किया है। 8 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उनकी लोकप्रियता का कुछ असर पड़ सकता है। 10 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच हुए सर्वे में कुल 73 हजार 287 लोगों से राय ली गई थी।
नीतीश कुमार के पक्ष में ओपिनियन पोल
बता दें कि ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भी खुशखबरी है। 46 प्रतिशत उत्तरदाताओं के लिए कुमार सीएम के तौर पर पहली पसंद हैं। वहीं महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव के पक्ष में 15 प्रतिशत उत्तरदाता रहे।
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बिहार विधानसभा चुनाव
बिहार की 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान गुरुवार से शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में 121 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। जबकि, 11 नवंबर को दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होगा। भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 14 नवंबर को मतगणना होगी। इस दौरान कुल 2 हजार 616 उम्मीदवार चुनावी दांव खेलेंगे। राज्य में सत्तारूढ़ NDA और राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाले महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है।
पीएम मोदी को एनडीए की बड़ी जीत का भरोसा
पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि बिहार की जनता ने यह सुनिश्चित करने का मन बना लिया है कि NDA आगामी विधानसभा चुनावों में पिछले 20 वर्षों के अपने जीत के रिकॉर्ड को तोड़े और राज्य में ‘जंगल राज’ की वापसी न हो।