मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव (Mumbai Municipal Corporation Election) को लेकर महायुति ने रविवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बता दें कि महायुति की तरफ से यह घोषणा पत्र वोटिंग से ठीक 4 दिन पहले जारी किया गया है। यह घोषणा पत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले) प्रमुख रामदास आठवले की मौजूदगी में जारी किया गया है। महायुति की तरफ से अपने घोषणा पत्र में कई वादे किए गए हैं। इनमें सड़कों का सुधार, भूमिगत विकास, यातायात प्रबंधन, 24×7 स्वच्छ जल आपूर्ति, और वर्षा जल संचयन जैसे प्रमुख वादे शामिल हैं।
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सड़कों को लेकर किया जाएगा ये काम
घोषणा पत्र में कहा गया कि जिन सड़कों पर ट्रैफिक कम है।वहां एस्फाल्ट (Asphalt) और जहां ट्रैफिक ज्यादा है। वहां सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़कें बनाई जाएंगी। सड़कों के नीचे यूटिलिटी डक्ट (Utility Duct) बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। DP रोड (Development Plan Road) के अधिग्रहण के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी।
प्राइवेट लेआउट की सड़कों का डामरीकरण किया जाएगा और उनकी नियमित देखरेख की जाएगी। मुंबई में लगातार होने वाली खुदाई से होने वाली परेशानी को कम करने के लिए 15 सेवा क्षेत्रों में खुदाई का समन्वय किया जाएगा और 15 सेवा क्षेत्रों में यूटिलिटी टनल विकसित की जाएगी।
सड़कों पर पार्किंग के लिए कम्युनिटी पार्किंग बनाई जाएगी। साथ ही स्मार्ट और मोटराइज्ड पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी। शहर में पार्किंग क्षमता बढ़ाने के लिए भूमिगत (अंडरग्राउंड) और ज़मीन के ऊपर (मल्टी-लेवल) पार्किंग विकसित की जाएगी।
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सड़कों पर लगेंगे डिजिटल कार्ड
सड़कों पर डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि नागरिकों को यातायात से जुड़ी जानकारी मिल सके। ये डिजिटल बोर्ड वाहन चालकों को रियल-टाइम ट्रैफिक स्थिति, सड़क पर रुकावट और निर्माण कार्य की जानकारी देने में मदद करेंगे।
शहर के पैदल यात्रियों और दिव्यांग नागरिकों के लिए सभी फुटपाथों को मानक (स्टैंडर्ड) कंक्रीट में विकसित किया जाएगा। इससे नागरिकों को राइट टू वॉक (Right to Walk) सुनिश्चित किया जाएगा। शहर की सभी खुली जगहों की देखरेख केवल महानगरपालिका द्वारा की जाएगी। देखभाल और रखरखाव के लिए खास सहयोग नीति बनाई जाएगी। स्थानीय नागरिक संगठनों और ALMs (एडवांस्ड लोकल मैनेजमेंट्स) को संरक्षणकर्ता (केयरटेकर) की भूमिका दी जाएगी।
पानी की समस्या को किया जाएगा दूर
महायुति के घोषणापत्र में मुंबई की पानी की समस्या को दूर करने को लेकर भी अपना प्लान शेयर किया है। इसमें अगले पांच सालों में गरगई, पेयजल और दमनगंगा प्रोजेक्ट पूरे करने का वादा किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष योजनाओं के तहत 17 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई है।
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वर्तमान जलापूर्ति क्षमता 3,800 MLD है, जिसे बढ़ाकर 4,900 MLD किया जाएगा। इसके लिए गारगाई, पिंजाळ, दमणगंगा जैसे जल परियोजनाओं को अगले 5 वर्षों में पूरा किया जाएगा। आधुनिक तकनीक की मदद से पूरी जलप्रणाली का आधुनिकीकरण कर उसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी।जिससे मुंबईकरों को अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा।
रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर होगी सख्ती
महायुति ने अपने घोषणा पत्र में साफ किया कि मुंबई में किसी तरह से रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को नहीं रहने दिया जाएगा।मराठी भाषा को मजबूत करने के लिए नगर पालिका में अलग मराठी डिपार्टमेंट, मराठी आर्ट सेंटर और अभ्यासिका बनाने की घोषणा की गई है। बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर मराठी युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम और आर्थिक प्रावधान किए जाएंगे।