नई दिल्ली। अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोईंग-787 ड्रीमलाइनर विमान टेकऑफ के बाद गुरुवार को क्रैश हो गया। यह विमान 2012 में निर्मित था और इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित विमानों में से एक माना जाता था, क्योंकि इसके 15 साल के इतिहास में यह पहला घातक हादसा था। अहमदाबाद एयरपोर्ट से प्लेन के टेक ऑफ करने के तुरंत बाद यह हादसा हुआ। क्रू मेंम्बर्स सहित प्लेन में 242 लोग सवार थे।
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बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर एक मॉडर्न, फ्यूल-एफिशिएंट, वाइड-बॉडी जेट है, जिसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी रेंज 14,000 किमी और क्षमता 210-250 यात्रियों की है। हालांकि 2013 में लिथियम-आयन बैटरी में आग की समस्या के कारण ड्रीमलाइनर की उड़ानों पर विश्व स्तर पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा था।
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की डिज़ाइन की गई जीवन अवधि 44,000 उड़ान चक्र है। यानी जो 30 से 50 वर्षों की संभावित लाइफ बताती है। जबकि अधिकांश वाणिज्यिक जेट इतने लंबे समय तक सेवा में नहीं रहते हैं। 787 की मजबूती बेड़े और सेवानिवृत्ति योजना में अधिक लचीलापन प्रदान करती है। अहमदाबाद में गिरा प्लेन सिर्फ साढे 11 साल पुराना था।
बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर की स्पेसिफिकेशंस
बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर एक वाइड-बॉडी, मिड-साइज और लॉन्ग-रेंज एयरक्राफ्ट है, जो 210-250 सीटों के साथ 8,500 नॉटिकल माइल्स (9,800 मील) तक की दूरी तय कर सकता है। इसे 20% कम फ्यूल कंजम्प्शन के साथ डिज़ाइन किया गया है, जो पर्यावरण के लिए भी बेहतर है।
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पैरामीटर
लंबाई 56.70 मीटर
विंग की चौड़ाई 60 मीटर
ऊंचाई 16.90 मीटर
इंजन 2 इंजन (आमतौर पर जनरल इलेक्ट्रिक या रोल्स-रॉयस)
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ईंधन क्षमता 1,26,206 लीटर
अधिकतम गति 954 किमी/घंटा
अधिकतम रेंज 13,620 किलोमीटर
बैठने की क्षमता 254 यात्रियों तक
निर्माता बोइंग (यूएसए)
अनुमानित लागत ₹2.18 हजार करोड़ रुपये (₹21.8 बिलियन)
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सिक्योरिटी मेजर्स
एडवांस्ड सिक्योरिटी स्क्रीनिंग: एयरपोर्ट पर पासेंजर्स की सख्त स्क्रीनिंग होती है, जिसमें बैगेज, बॉडी स्कैन और आईडी वेरिफिकेशन शामिल है।
कॉकपिट सिक्योरिटी: 787-8 में कॉकपिट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम है, जिससे अनधिकृत एंट्री रोकने में मदद मिलती है।
साइबर सिक्योरिटी: एयरक्राफ्ट के सिस्टम्स को हैकिंग से बचाने के लिए एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी मेजर्स हैं।
इंटेलिजेंस शेयरिंग: एयरलाइंस और गवर्नमेंट एजेंसियां रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयर करती हैं, ताकि किसी भी खतरे को पहले से पता लगाया जा सके।
सेफ्टी मेजर्स रिडंडेंट सिस्टम्स: 787-8 में कई सिस्टम्स रिडंडेंट हैं, जैसे इंजन, हाइड्रोलिक्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स, ताकि अगर कोई सिस्टम फेल हो, तो दूसरा काम करे।
एडवांस्ड नेविगेशन: GPS और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) के साथ, पायलट्स को सटीक नेविगेशन मिलता है।
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इमरजेंसी प्रोसीजर: क्रू मेंबर्स को रेगुलर ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें इमरजेंसी लैंडिंग, फायर फाइटिंग, और मेडिकल इमरजेंसीज शामिल हैं।
मैटेरियल्स: 787-8 में लाइटवेट कंपोजिट मटेरियल्स का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे ज्यादा सेफ और फ्यूल-एफिशिएंट बनाता है।