नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने गुरुवार के अमरोहा लोकसभा सीट (Amroha Lok Sabha Seat) से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। मूलरूप से गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र (Garhmukteshwar Area) के रहने वाले डॉ. मुजाहिद हुसैन उर्फ बाबू भाई (Dr. Mujahid Hussain alias Babu Bhai) को प्रत्याशी बनाया है। गुरुवार को जोया में हाईवे स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी शमसुद्दीन राइनी, नगीना सांसद व मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद गिरीश चंद ने जिलाध्यक्ष सोमपाल सिंह की मौजूदगी में इसकी घोषणा की।
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दो बार जीत हासिल करने वाली बसपा तीसरी बार जीत का ताज पहनने को मैदान में उतर आई है। इससे पहले वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में राशिद अल्वी भाजपा प्रत्याशी चेतन चौहान को हराकर चुनाव जीते थे। जबकि 2019 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी दानिश अली सांसद चुने गए थे, इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशी निवर्तमान सांसद चौधरी कुंवर सिंह तंवर को हराया था।
भले ही बसपा अन्य चुनाव में जीत का स्वाद नहीं चख सकी, लेकिन चार बार निर्णायक भूमिका में रही है। आंकड़ों की बात करें तो बहुजन समाज पार्टी ने 1991 में पहला चुनाव लड़ा था। इसके बाद बसपा का जन आधार बढ़ता गया। वर्ष 1999 में बसपा ने राशिद अल्वी को प्रत्याशी बनाकर मैदान में भेजा था।
इस दौरान उनका मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी चेतन चौहान से हुआ। इस चुनाव में राशिद अल्वी की जीत के साथ बहुजन समाज पार्टी का खाता खुल गया। राशिद अल्वी को 3,37, 919 वोट मिले थे, जबकि चेतन चौहान को 2, 44, 694 वोट हासिल हुए थे। इसके 20 साल बाद वर्ष 2019 के चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन हुआ।
अमरोहा लोकसभा सीट बसपा के खाते में गई और कुंवर दानिश अली को प्रत्याशी बनाकर भेजा था। इस चुनाव में भाजपा की ओर से निवर्तमान सांसद चौधरी कुंवर सिंह तंवर मैदान में थे। कुंवर दानिश अली को 6,01, 082 वोट मिले थे, जबकि चौधरी कुंवर सिंह तंवर को 5,37, 834 वोट मिले।
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इस चुनाव में भी बहुजन समाज पार्टी के सिर जीत का ताज सजा। हालांकि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बहुजन समाज पार्टी ने अपने सांसद कुंवर दानिश अली को निलंबित कर दिया था। अब दानिश अली कांग्रेस से चुनाव लड़ने की जुगत में लगे हैं।