Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. सपा के साथ 1993 व 2019 में हुए गठबंधन को निभाने का बसपा ने किया भरपूर प्रयास : मायावती

सपा के साथ 1993 व 2019 में हुए गठबंधन को निभाने का बसपा ने किया भरपूर प्रयास : मायावती

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर सपा-बसपा के गठबंधन टूटने पर अखिलेश यादव को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि, सपा प्रमुख मेरे फोन का जवाब देना बंद कर दिए थे। बसपा सैद्धान्तिक कारणों से गठबंधन नहीं करती है और अगर बड़े उद्देश्यों को लेकर कभी गठबंधन करती है तो फिर उसके प्रति ईमानदार भी जरूर रहती है।

पढ़ें :- सोनौली बॉर्डर पर बड़ा विवाद: नेपाली सुरक्षा बलों ने भारतीय नागरिक को बाजार से घसीटा, सपा नेता बैजू यादव ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, लोकसभा चुनाव-2019 में यूपी में BSP के 10 व SP के 5 सीटों पर जीत के बाद गठबंधन टूटने के बारे में मैंने सार्वजनिक तौर पर भी यही कहा कि सपा प्रमुख ने मेरे फोन का भी जवाब देना बंद कर दिया था जिसको लेकर उनके द्वारा अब इतने साल बाद सफाई देना कितना उचित व विश्वसनीय? सोचने वाली बात।

उन्होंने आगे लिखा, बीएसपी सैद्धान्तिक कारणों से गठबंधन नहीं करती है और अगर बड़े उद्देश्यों को लेकर कभी गठबंधन करती है तो फिर उसके प्रति ईमानदार भी जरूर रहती है। सपा के साथ सन 1993 व 2019 में हुए गठबंधन को निभाने का भरपूर प्रयास किया गया, किन्तु ’बहुजन समाज’ का हित व आत्म-सम्मान सर्वोपरि।

बीएसपी जातिवादी संकीर्ण राजनीति के विरुद्ध है। अतः चुनावी स्वार्थ के लिए आपाधापी में गठबंधन करने से अलग हटकर ’बहुजन समाज’ में आपसी भाईचारा बनाकर राजनीतिक शक्ति बनाने का मूवमेन्ट है ताकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का मिशन सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त कर आत्मनिर्भर हो सके।

पढ़ें :- UP Board Results 2026 : योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से रचा नया मानक, परीक्षार्थी सबसे पहले इस साइट पर देख सकेंगे रिजल्ट
Advertisement