Parliament Monsoon Session : संसद के मॉनसून सत्र में E20 पेट्रोल को लेकर सियासत गरमायी हुई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध रहा है। इस बीच बुधवार को सपा सांसद डिंपल यादव ने मांग की कि E20 का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं? इसको लेकर पहले ऑटोमोबाइल कंपनियां प्रमाण पत्र दें। उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाए जाने की बात कही।
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मॉनसून सत्र में शामिल होने पहुंची सपा सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, यह मुद्दा लोगों की आस्था और उनकी आर्थिक भलाई से जुड़ा है, और हर मुद्दे को उठाया जाएगा। चाहे वह E20 पेट्रोल का मुद्दा हो, जिससे इंजन खराब हो रहे हैं और माइलेज कम हो रहा है; सरकार ने अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है जिससे यह साफ हो सके कि ऑटोमोबाइल कंपनियां इसके इस्तेमाल को मानती हैं या नहीं। या तो कंपनियां यह सर्टिफाई करें कि E20, E30 या E40 फ्यूल – जिन्हें सरकार भविष्य में लाने की योजना बना रही है – का इस्तेमाल इन इंजनों में किया जा सकता है, या फिर लोगों को इनके इस्तेमाल के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। वरना, इससे आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। यह भी एक ऐसा मुद्दा है जो आम आदमी से जुड़ा है।”
आज भी सदन में हंगामें के आसार
आज भी दोनों सदनों में हंगामें के असर नजर आ रहे हैं। इस सत्र में विपक्ष 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ‘पुलिस कार्रवाई’, अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ। जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पायी है। वहीं, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने इन मुद्दों को लेकर बुधवार को संसद के मकर द्वार पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।