फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित होकर पिता की हत्या की साजिश रचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी बेटा करीब 2000 किलोमीटर दूर से घर पहुंचा, पिता की हत्या की और वारदात के बाद रातों-रात फरार हो गया। अब इस मामले में पुलिस ने हत्या की वजह, प्लानिंग और आरोपी तक पहुंचने की पूरी कड़ी सामने रखी है।
Bihar Crime: बिहार के समस्तीपुर जिले में पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके ही बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जमीन विवाद और पिता द्वारा पत्नी से कथित गाली-गलौज से नाराज होकर हत्या की साजिश रची थी। जांच में सामने आया कि उसने वारदात को अंजाम देने और पुलिस से बचने के लिए उसने अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरणा लेकर कई सावधानियां बरती थीं और इसी से प्रभावित होकर हत्या के बाद जांच से बचने की योजना बनाई।
मामला हलई थाना क्षेत्र के दरबा गांव का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शिव शंकर सूरत में अपने परिवार के साथ रहता था। उसे पिता से जमीन को लेकर विवाद की जानकारी थी। इसी वजह से उसने पिता की हत्या की योजना बनाई। 26 जुलाई की रात वह ट्रेन से बिहार पहुंचा और पटोरी स्टेशन से ऑटो के बाद करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंचा।
पुलिस का दावा है कि देर रात शिव शंकर पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुआ। इसके बाद उसने कोठरी में रखी कुल्हाड़ी उठाई और घर के बाहर सो रहे पिता रघुवीर सहनी पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी रात में ही गांव से निकल गया और ट्रेन से वापस सूरत चला गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यात्रा के दौरान अपना मोबाइल बंद रखा था। हालांकि पटोरी स्टेशन पहुंचने के बाद उसने कुछ देर के लिए फोन ऑन किया और पत्नी से बातचीत की। इसके बाद फोन दोबारा बंद कर दिया। पुलिस ने इसी दौरान मिली लोकेशन और कॉल डिटेल को जांच का अहम आधार बनाया।
तकनीकी जांच में हत्या की रात मोबाइल की लोकेशन पटोरी स्टेशन के आसपास मिली, जबकि करीब 36 घंटे बाद वही मोबाइल सूरत में एक्टिव हुआ। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपी पर शक मजबूत किया। खास बात यह भी रही कि पिता की मौत के बाद आरोपी श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।
इसके बाद पुलिस टीम सूरत पहुंची और शिव शंकर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने भले ही जांच से बचने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल की थोड़ी देर की गतिविधि उसके लिए अहम सुराग बन गई।