Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Char Dham Yatra 2026 : चार धाम यात्रा आज से शुरू , मां गंगोत्री- मां यमुनोत्री के खुल गए कपाट

Char Dham Yatra 2026 : चार धाम यात्रा आज से शुरू , मां गंगोत्री- मां यमुनोत्री के खुल गए कपाट

By अनूप कुमार 
Updated Date

Char Dham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि-विधान से खोल दिए गए हैं, जिससे वार्षिक चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। इस शुभ शुरुआत के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला।जय मां गंगे व जय मां यमुने के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से पहले वैदिक मंत्रोचार के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए। हजारों तीर्थयात्री मंदिर के प्रांगण में मौजूद रहे और चारों तरह हर हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारे लग रहे थे। इस दौरान धाम में मौजूद भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। दोनों तीर्थस्थलों को फूलों से सजाया गया। यात्रा के मददेनजर इस बार भी प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए हैं। यात्रा के शुरू होते ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं।

पढ़ें :- Arghya in Karva Chauth Puja :  करवा चौथ पूजा में चंद्रमा को अर्घ्य देने से दांपत्य रिश्ते में शीतलता बनी रहती है ,  जानें पौराणिक महत्व

इस अवसर पर धूमधाम से उत्सव मनाया गया, जिसमें ढोल दमाऊ और रानसिंघा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज उठा। गढ़वाल राइफल्स बैंड ने भी इसमें भाग लिया, जिससे देवी का उनके ग्रीष्मकालीन निवास में स्वागत करते समय समारोह में एक औपचारिक स्पर्श जुड़ गया।

गंगोत्री धाम 
गंगोत्री धाम के कपाट तय मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर खोले गए। गंगोत्री धाम मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पवित्र स्थान माना जाता है। यहां बहने वाली भागीरथी नदी को गंगा का प्रारंभिक स्वरूप माना जाता है।

यमुनोत्री धाम
यमुनोत्री धाम का धार्मिक महत्व – अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए। यमुनोत्री धाम को मां यमुना का उद्गम स्थल माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यमुना सूर्य देव की पुत्री और यमराज की बहन हैं। यहां दर्शन करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

इसी बीच रविवार को ओंकारेश्वर मंदिर से भगवान केदारनाथ की औपचारिक ‘डोली’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम की उसकी वार्षिक यात्रा की शुरुआत का संकेत है।

पढ़ें :- karva chauth chandrama gochar : आज करवा चौथ की रात चंद्रमा वृषभ से मिथुन राशि में गोचर , इन राशियों को हो सकता है धन लाभ

श्री केदारनाथ धाम
इस बीच श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल दिन बुधवार को खोले जाएंगे, जिसके बाद श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल दिन गुरुवार को खोले जाएंगे। शनिवार शाम तक 18.9 लाख तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था. केदारनाथ में सबसे अधिक 6.5 लाख पंजीकरण हुए, उसके बाद बद्रीनाथ (5.5 लाख), गंगोत्री (3.3 लाख) और यमुनात्री (3.2 लाख) का स्थान रहा।

Advertisement