रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला से मानव तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि कांकेर, धमतरी और आसपास के इलाकों की करीब 35 युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर झारखंड ले जाया गया, जहां उन्हें जबरन रोके जाने की बात सामने आई है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक युवती ने गुप्त रूप से वीडियो और मैसेज भेजकर मदद की गुहार लगाई।
पढ़ें :- CMO और दवा माफियाओं के गठजोड़ से फिर रहा स्वास्थ्य मंत्री की मेहनत पर पानी, अम्बेडकर नगर के टेंडर में 'मेरठ' का जिक्र क्यों?
जानकारी के मुताबिक दुर्गूकोंदल ब्लॉक की करीब 16 युवतियों समेत कई लड़कियों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके बाद उन्हें झारखंड के गढ़वा जिला ले जाया गया। शुरुआती दिनों में युवतियों को ट्रेनिंग दी गई और सब कुछ सामान्य बताया गया, लेकिन बाद में कंपनी से जुड़े लोगों का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि ट्रेनिंग खत्म होने के बाद युवतियों को दूसरी जगह ले जाकर रखा गया और घर लौटने की अनुमति नहीं दी गई।
इसी दौरान एक युवती ने किसी तरह वीडियो बनाकर अपने परिचित युवक को भेजा। वीडियो में उसने बताया कि वे सभी लड़कियां डरी हुई हैं और वापस घर जाना चाहती हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। युवक ने तुरंत इस मामले की जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता ललित नरेटी को दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि सूचना मिलते ही झारखंड प्रशासन और पुलिस से संपर्क किया गया। गढ़वा पुलिस ने विशेष टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस युवतियों के साथ-साथ उन्हें ले जाने वाले लोगों और कंपनी से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी युवतियों को सुरक्षित वापस लाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ युवतियों से जबरन काम कराने की भी आशंका जताई जा रही है। वहीं परिजन लगातार अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय मानव तस्करी गिरोहों को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने ऐसे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नौकरी के नाम पर युवतियों को किस तरह जाल में फंसाया गया।