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रुचिका के समर्थन में CJP: सौरव दास बोले-50 प्रतिशत सांसदों पर आपराधिक केस, उन क्यों नहीं होती कार्रवाई?

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर नोएडा की एक लड़की के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा, विरोध प्रदर्शन के दौरान अपशब्दों के इस्तेमाल की निंदा की जा सकती है। लेकिन, पुलिस के जरिए उन्हें निशाना बनाने और परेशान करने के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली का इस्तेमाल करना बिल्कुल भी सही नहीं है।

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सौरव दास ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, रुचिका सिंह के ख़िलाफ़ आपराधिक तंत्र का गलत इस्तेमाल मंज़ूर नहीं है। अपशब्द कहने पर आपराधिक केस नहीं बनता। लोकसभा के 50% सांसदों पर आपराधिक केस हैं, जिनमें से लगभग 100 बीजेपी के सांसद हैं। पुलिस अपनी ऊर्जा उन पर लगा सकती है, न कि 25 साल की लड़की पर! युवाओं को परेशान करना तुरंत बंद होना चाहिए।

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इसके साथ ही, उन्होंने कहा इस देश में अपशब्दों का इस्तेमाल करना कब से अपराध हो गया? लोग रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। लोकसभा के 50% सांसदों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। आप बस उन्हें अलग-थलग करके एक मिसाल बनाना चाहते हैं। यह पूरी तरह से निंदनीय है। मैं एक बार फिर सरकार और उसकी पुलिस व्यवस्था से अपील करता हूं कि वे युवाओं को परेशान करना बंद करें। इस तरह से युवाओं को निशाना बनाना बंद करें और इस लड़की को छोड़ दें। ऐसे मामलों में पुलिस बल का इस तरह का दुरुपयोग बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

यह है मामला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में युवती रुचिका के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि घटनास्थल दिल्ली में है, इसलिए नोएडा पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले को आगे की तफ्तीश के लिए संबंधित दिल्ली पुलिस को हस्तांतरित कर दिया है।

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