क्या स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली पुलिस करेगी कार्रवाई? CJP का विरोध प्रदर्शन, 'हत्या के प्रयास' और SC/ST एक्ट में केस दर्ज करने की मांग
New Delhi: सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, सह-संयोजक आशुतोष रंका और अन्य लोग जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने एक समर्थक के घायल होने से जुड़े मामले के सिलसिले में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुँचे। इस दौरान उन्होंने एक नाबालिग प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और SC/ST एक्ट में केस दर्ज करने की मांग की। सीजेपी सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि एक आरोपी ने खुले आम पोडकास्ट में अपना जुर्म कबूला, लेकिन दिल्ली पुलिस कपिल मिश्रा और बीजेपी के लोगों के सह पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर CJP के सह-संयोजक रांका ने कहा, “जंतर-मंतर पर हमारे विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक समर्थक के पिता संजय जी पर हमला किया गया और उनके सिर में चोटें आईं। सौरव और हमारी पूरी टीम ने बार-बार दिल्ली पुलिस से मांग की कि वे आरोपियों को गिरफ्तार करें और उन पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करें, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आज, इस घटना में शामिल लोग खुलेआम मान रहे हैं कि उन्होंने संजय जी पर हमला किया और उन्हें मारने की कोशिश की। इसके बावजूद, आरोप है कि कपिल मिश्रा और बीजेपी कार्यकर्ताओं के दबाव में दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। यह देश और हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है। हमारी पूरी टीम शुरू से ही संजय जी के साथ खड़ी रही है। हम मांग करते हैं कि दिल्ली पुलिस तुरंत उन लोगों को गिरफ्तार करे जिन्होंने खुद को इसमें शामिल बताया है, उन पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करे और सभी लागू गंभीर आरोप लगाए।”
इससे पहले सौरव दास ने कहा, “एक नाबालिग लड़की है जो पहले दिन से ही हमारे विरोध प्रदर्शन से जुड़ी हुई है। उसके पिता, संजय जी, भी उसके साथ आते हैं। जब हम शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे, तब एक आपराधिक गिरोह के कुछ सदस्य हमारे प्रदर्शन में घुस आए और हिंसा की। FIR दर्ज होने के बाद, हमने पुलिस पर दबाव बनाना जारी रखा और कहा कि यह हत्या की कोशिश का मामला है, इसलिए संबंधित धारा जोड़ी जानी चाहिए। हमने SC/ST एक्ट लागू करने की भी मांग की क्योंकि वे दलित परिवार से हैं। इस मामले में जाति का पहलू भी शामिल है। लेकिन पुलिस ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की। जब हमने पुलिस पर दबाव डाला, तो उन्होंने हमसे कोर्ट जाकर आदेश लाने को कहा।”
बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज नाम का एक युवक खुलेआम ये कबूल कर रहा है कि जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान निशू नाम की एक प्रदर्शनकारी के पिता का उसने सिर फोड़ा था, इस मामले में उसके खिलाफ 307 की धारा लगती। लेकिन उसके साथ कुछ भी नहीं हुआ। इस वीडियो को शेयर करते आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कार्रवाई की माँग की थी।
वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कहता है- “निशु के बाप का हम सर फाड़े, आपको पता है कि इसमें कौन सी धारा लगती है-307. सर पर सात टांका लगा हुआ था, बंदा एम्बुलेंस में जा रहा था।” एक पॉडकास्ट में वो आगे कहता है- “हम तो जेल भी नहीं गए, पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि हम जेल भी नहीं गए, हम रात भर घूम रहे थे।” यही नहीं इसी वीडियो में उसने कपिल मिश्रा और चिराग पासवान से जान-पहचान होने का भी दावा किया है।