गोण्डा। गोण्डा जनपद में आगामी 15 जनवरी से जनपद के सभी सरकारी दफ्तरों का स्वच्छता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा (District Magistrate Neha Sharma) ने जनपद के सरकारी दफ्तरों में स्वच्छ संस्कृति विकसित करने की दिशा में यह कदम उठाया है। स्वच्छ कार्यालय प्रतिस्पर्धा 2.0 (Clean Office Competition 2.0) के आयोजन का फैसला लिया गया है। इस बार इस प्रतिस्पर्धा को जनपद स्तरीय सभी कार्यालयों के लिए प्रतिभाग करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने साफ किया है कि यह दूसरा अवसर है। इस बार मूल्यांकन में खराब प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों और उनके जिम्मेदारों पर कार्यवाही तक की जा सकती है।
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बता दें, जिलाधिकारी नेहा शर्मा (District Magistrate Neha Sharma) ने सरकारी कार्यालयों में जनपदवासियों को साफ और स्वच्छ माहौल उपलब्ध कराने के लिए बीते सितम्बर माह में स्वच्छ कार्यालय प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया था। अक्टूबर में दफ्तरों का मूल्यांकन कराया गया। नवम्बर में दीपावली के अवसर पर वनटांगिया ग्राम में आयोजित महोत्सव में प्रमाण पत्रों के वितरण के साथ ही कार्यालयों में स्थितियों को बेहतर करने की हिदायत दी थी। स्वच्छ कार्यालय प्रतिस्पर्धा 2.0 (Clean Office Competition 2.0) कराने की भी घोषणा की थी।
स्वच्छता वॉरियर्स करेंगे का मूल्यांकन, 26 जनवरी को जारी होंगे नतीजे
जिलाधिकारी नेहा शर्मा (District Magistrate Neha Sharma) ने बताया कि एक ऑनलाइन पंजीकरण फार्म जारी किया गया है। विभागों को इसमें पंजीकरण कराना होगा। उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं के आधार पर द अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम (ट्यूलिप) के तहत इंटर्नशिप कर रहे स्वच्छता वॉरियर्स इनका मूल्यांकन करेंगे। मूल्यांकन की प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू होगी। 26 जनवरी को प्रमाण पत्रों का वितरण किए जाने की तैयारी है।
कार्यालय परिसर में यह व्यवस्था करने होगी सुनिश्चित
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कार्यालयाध्यकों को स्वच्छता सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत, फर्नीचर, पंखे, लाइट, ए.सी., लिफ्ट आदि जैसे बुनियादी ढांचे की नियमित सफाई और रख-रखाव सुनिश्चित करेंगे। शौचालय की सफाई और प्रसाधन सामग्री यानी हैंडवाश, पेपर रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगें। शौचालयों में नेफ़थलीन बॉल्स की व्यवस्था करनी होगी। पानी की टंकियों और पीने के पानी के कूलरों की सफाई सुनिश्चित करेंगे। कूड़ा-कचरा फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में कूड़ेदानों का प्रावधान किया जाए। गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। कूड़ेदान की नियमित सफाई सुनिश्चित करेंगे।
यह व्यवस्थाएं भी करनी होगी
• कूड़ा फैलाने/थूकने/खुले में पेशाब करने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाए।
• सभी कर्मचारियों के लिए अपने संबंधित कार्यालय कक्षों को साफ और स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता करें।
• प्रतिदिन कम से कम दो बार बाहरी क्षेत्रों की सफाई करना सुनिश्चित करें।
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•कचरा डंपिंग स्थल की सफाई सुनिश्चित करें।
• जैविक (बायोडिग्रेडेबल) कचरे का परिसर में ही यथासंभव निस्तारण सुनिश्चित करें।