लखनऊ। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है। इन सबके बीच यूपी की राजधानी लखनऊ रविवार को रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना। यहां पर सबसे विध्वंसक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के उत्पादन इकाई का शुभारंभ हुआ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस कार्यक्रम में डिजिटल तरके से जुड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस परियोजना का उद्घाटन किया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल के पराक्रम की एक झलक देखी होगी और अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान के लोगों से ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत के बारे में पूछिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि आगे से आतंकवाद की कोई भी कार्रवाई युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। जब तक हम इसे पूरी तरह से कुचल नहीं देते, आतंकवाद की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। आतंकवाद को कुचलने के लिए हम सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिलकर इस अभियान से जुड़ना होगा।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन & टेस्टिंग फैसिलिटी के उद्घाटन हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/jn7OBG6Xis
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 11, 2025
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ब्रह्मोस की खासियत जानिए?
लखनऊ नोड पर स्थापित ब्रह्मोस प्रोडक्शन यूनिट 300 करोड़ रुपये से तैयार की गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 80 हेक्टेयर जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई थी। इसका निर्माण मात्र साढ़े तीन वर्षों में पूरा हुआ। ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस के संयुक्त उद्यम का परिणाम है। इसकी मारक क्षमता 290-400 किलोमीटर और गति मैक 2.8 (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना) है। यह मिसाइल जमीन, हवा, और समुद्र से लॉन्च की जा सकती है। यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ सिद्धांत पर काम करती है। इससे यह दुश्मन के रडार से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है।