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कॉमेडियन प्रणित मोरे की और बढ़ीं मुश्किलें, अंग दाताओं पर अभद्र टिप्पणी को लेकर AIMSA ने की कार्रवाई की मांग

By Abhimanyu 
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‘Rs 370 Ki Biryani’ Row : कॉमेडियन प्रणित मोरे अपने क्राउड-वर्क शो में विवादित और अभद्र टिप्पणियों को लेकर बुरी तरह फंसते हुए नजर आ रहे हैं। उनके इस शो में महिलाओं और अंगदाताओं को लेकर अश्लील व असंवेदनशील टिप्पणी की थी। इस मामले में ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रणित मोरे और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से दखल ने की अपील भी की है।

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दरअसल, प्रणित मोरे के शो की एक क्लिप सोशल मीडिया पर ‘370 रुपये बिरयानी’ के नाम से वायरल हुई थी, हिमांशु जांगड़ा नाम के युवक ने अपनी डेट का किस्सा सुनाया था। जिसमें उसने महिलाओं को लेकर अश्लील और अभद्र बातें कहीं थीं। इसके अलावा, शो में डॉ. सेजल पवार नाम की युवती ने अंगदाताओं को असंवेदनशील टिप्पणी की थी। लेकिन, वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रणित मोरे ऐसी अभद्र टिप्पणी करने वालों को रोकने के बजाय प्रणित इसका समर्थन करते रहे।

AIMSA ने की कड़ी निंदा 

इस विवाद में ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर कहा है कि ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने शवों और शरीर दान करने वालों के अपमानजनक चित्रण की कड़ी निंदा की है। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रणित मोरे (कॉमेडियन) और अन्य लोगों द्वारा मनोरंजन या कॉमेडी के मकसद से शवों और शरीर दान करने वालों के असंवेदनशील, गैर-जिम्मेदाराना और बेहद अपमानजनक चित्रण की कड़ी निंदा की है।

AIMSA ने कहा कि हर डेड बॉडी (शव) एक ऐसे नेक इंसान की होती है जिसने मेडिकल शिक्षा और वैज्ञानिक जानकारी को आगे बढ़ाने के लिए निस्वार्थ भाव से अपना शरीर दान करने का फैसला किया था। इन्हीं दान करने वालों की वजह से मेडिकल स्टूडेंट्स की कई पीढ़ियाँ इंसानी शरीर की बनावट (एनाटॉमी) के बारे में सीख पाती हैं और अनगिनत जानें बचाने के लिए समर्पित डॉक्टर बन पाती हैं। ऐसे योगदान के लिए वे सबसे ज़्यादा सम्मान, आभार और इज़्ज़त के हकदार हैं। मेडिकल समुदाय के सदस्य होने के नाते, हम नैतिकता, प्रोफेशनलिज़्म और मरने वाले व्यक्ति व उनके परिवारों के प्रति सम्मान के बुनियादी सिद्धांतों से बंधे हैं। कोई भी ऐसा काम जो इंसानी शव का मज़ाक उड़ाए, उसे मामूली समझे या उसका अनादर करे, पूरी तरह से अस्वीकार्य है और यह सीधे तौर पर मेडिकल शिक्षा की पवित्रता और उन मूल्यों को कमज़ोर करता है जिन पर यह पेशा टिका है।

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एसोसिएशन आगे कहा कि AIMSA इस अस्वीकार्य काम के लिए ज़िम्मेदार लोगों से तुरंत सार्वजनिक माफ़ी और उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग करता है। हम भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय से भी आग्रह करते हैं कि वे तुरंत दखल दें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर ऐसा असंवेदनशील कंटेंट प्रमोट, प्रसारित या शेयर न किया जाए जो शरीर दान करने वालों, मेडिकल नैतिकता और इंसानी गरिमा का अनादर करता हो। अगर संबंधित अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो AIMSA कानूनी रास्ता अपनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने को मजबूर होगा। दान करने वाले का सम्मान करें। मेडिकल नैतिकता का सम्मान करें। मानवता का सम्मान करें।

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