पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: नौतनवा तहसील में सरकारी कामकाज में कथित तौर पर निजी व्यक्तियों के हस्तक्षेप और सरकारी अभिलेखों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेता जितेंद्र जायसवाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, कमिश्नर गोरखपुर तथा जिलाधिकारी महराजगंज को संबोधित शिकायती पत्र उपजिलाधिकारी नौतनवा को सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पढ़ें :- मुरादाबाद के दिग्गज नेता राजीव चन्ना समाजवादी पार्टी में हुए शामिल, अखिलेश यादव ने दिलाई सदस्यता
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि तहसील के लेखपाल, नजारत, आपूर्ति, नायाब तहसीलदार, एसडीएम, तहसीलदार कार्यालय, एसडीएम स्टेनो कार्यालय और खतौनी विभाग समेत कई महत्वपूर्ण पटलों पर सरकारी दस्तावेज और अभिलेख निजी व्यक्तियों के हाथों में देकर कार्य कराया जा रहा है।
भाजपा नेता का आरोप है कि निजी व्यक्तियों के माध्यम से सरकारी कार्य कराया जाना शासन की व्यवस्था और नियमों की अनदेखी है। इससे आम लोगों के कार्यों में लापरवाही के साथ-साथ सरकारी अभिलेखों में जानबूझकर त्रुटि, कागजात में हेराफेरी और भ्रष्टाचार की आशंका बनी रहती है।
शिकायत में सरकारी अभिलेखों की गोपनीयता भंग होने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सार्वजनिक होने की आशंका भी जताई गई है। आरोपों को गंभीर बताते हुए जितेंद्र जायसवाल ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अब देखना यह है कि शिकायत के बाद तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सरकारी अभिलेखों को निजी हाथों में सौंपे जाने के आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है।
पढ़ें :- दुष्यंत गौतम के राज्यपाल नियुक्ति पर राहुल गांधी, बोले- मैं स्तब्ध हूं, राष्ट्रपति को लिखा पत्र कहा अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया की रिपोर्ट