नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने दिवाली से पहले अपने 48 लाख कर्मियों और 68 लाख पेंशनरों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (Dearness Allowance/Dearness Relief) की दरों में तीन फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने डीए/डीआर (DA/DR) की दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। एक जुलाई से देय महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (Dearness Allowance/Dearness Relief) की दर अब 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnaw) ने कैबिनेट की बैठक के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी है। पिछली बार केंद्र सरकार ने होली पर अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (Dearness Allowance/Dearness Relief) में दो फीसदी की बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी।
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गत वर्ष भी डीए में हुई थी 3 फीसदी वृद्धि
केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2025 से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद डीए/डीआर (DA/DR) की दर 58 पर पहुंच गई। एक जनवरी 2026 से डीए/डीआर (DA/DR) की दरों में दो फीसदी बढ़ोतरी हुई। इसके बाद महंगाई भत्ते की दर 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट ने भी ऐसा ही संकेत दिया था। जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्तूबर में 147.7, नवंबर में 148.2 और दिसंबर में भी 148.2 पर संकलित हुआ था।
जनवरी 2026-जुलाई 2026 का सूचकांक
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श्रम ब्यूरो के अनुसार इस साल जनवरी में अखिल भारतीय सीपीआई-आई डब्लू (औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) 148.6, फरवरी में 148.5, मार्च में 149.1, अप्रैल में 149.9, मई में 150.8, जून में 151.9 और जुलाई में 153.2 रहा है। श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन देश परिव्याप्त 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है।
मूल वेतन और पेंशन में विलय नहीं हुआ डीए/डीआर
डीए/डीआर (DA/DR) की दर जब पचास फीसदी के पार हो जाती है तो नियमानुसार उसे मूल वेतन और पेंशन में विलय करना चाहिए। एक जनवरी 2024 को डीए, पचास प्रतिशत हो चुका था। उसके बावजूद डीए को बेसिक वेतन में मर्ज नहीं किया गया। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी दो साल बाद ही लागू हो सकेंगी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी संसद में कह चुके हैं कि सरकार, ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन और पेंशन हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही कर सकते हैं। ऐसे में चार साल तक कर्मियों को हर माह दस प्रतिशत वेतन का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
‘डीए/डीआर’ का कैलकुलेटर बदलने की मांग
‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स’ द्वारा कैबिनेट सचिव से यह मांग की गई है कि महंगाई भत्ता/महंगाई राहत (DA/DR) की गणना का कैलकुलेटर बदला जाए। डीए की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को तीन महीने के औसत से बदला जाना चाहिए। मतलब, कर्मियों को परिवर्तनीय डीए दिया जाए। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर तीन महीने में वास्तविक मूल्य वृद्धि से मुआवजा मिल सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मियों का डीए इसी आधार पर तय होता है।
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कर्मियों/पेंशनरों के लिए अलग से हो सूचकांक
इतना ही नहीं, केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से ‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक’ तैयार करने की मांग की गई है। ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स’ के अध्यक्ष एसबी यादव के अनुसार, बैंकिंग कर्मचारियों का डीए हर साल प्रत्येक तिमाही यानी फरवरी-अप्रैल, मई-जुलाई, अगस्त-अक्तूबर और नवंबर-जनवरी में संशोधित किया जाता है। यदि जनवरी में मूल्य वृद्धि हो रही है, तो इसकी आंशिक भरपाई 12 महीनों के बाद की जाती है।
पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाए
एसबी यादव के अनुसार, डीए की गणना और भुगतान छह महीने के बजाय हर तीन महीने में किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाए। अब डीए को न्यूनतम मूल्य पर राउंड ऑफ किया जाता है। जैसे हम 42.90% डीए के लिए पात्र हैं तो हमें केवल 42% डीए स्वीकृत किया जाता है। 0.9% डीए से केंद्रीय कर्मचारियों को छह महीने तक वंचित किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। बैंकों और एलआईसी के कर्मचारियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए मिलता है।