Dengue fever: बारिश के मौसम में कई तरह की बीमारिया पनपने लगती हैं उन्हीं में से एक है डेंगू। डेंगू बुखार खतरनाक और जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में खास ध्यान रखने की जरुरत होती है। डेंगू एडीज एजिप्टी नाम की फीमेल मच्छर के काटने से होता है।
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इन मच्छरों की उम्र एक महिने की होती है, लेकिन पूरे जीवनकाल में पांच सौ से एक हजार तक मच्छरों को जन्म देती हैं। ये मच्छर सिर्फ तीन फीट तक ही उड़ सकते है। इसकी वजह से ये मच्छर सिर्फ लोअर लिंब्स पर ही डंक मारते हैं। डेंगू के मच्छर कूलर, गमलों, फ्लावर पॉट, छत पर पड़े पुराने बर्तनों और टायर, गड्ढों में भरे पानी में अंडे देती हैं। एक बार में 100 से 300 तक अंडे देती हैं, जिनसे 2 से 7 दिन में लार्वा बन जाते हैं। इसके 4 दिन में मच्छर की शेप ले लेते हैं और दो दिन में ही उड़ने लगते हैं।
डेंगू बुखार के लक्षण
सिरदर्द
मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
उल्टी
जी मिचलाना
आंखों में दर्द होना
त्वचा पर लाल चकत्ते होना
ग्लैंड्स में सूजन होना
डेंगू से बचने के उपाय
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डेंगू से बचने के लिए घर में किसी गड्डे, बर्तन या पॉट में पानी न भरने दें। इन्हीं में डेंगू मच्छर अंडे देते हैं।
सोते समय आपको मच्छर दानी का इस्तेमाल करना चाहिए, समय-समय पर घर की सफाई करवाते रहें।
अगर आपके घर में किसी ऐसी जगह पानी इकट्ठा होता है जिसे आप हटा नहीं सकते तो आपको उसे तुरंत ढक देना चाहिए।
आपको अपने खिड़की और दरवाजे शाम होने से पहले बंद कर देने चाहिए वहीं छोटे बच्चों को खासकर शाम के समय फुल स्लीव कपड़े पहनाएं।
आपको पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना है, पानी के साथ आप नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी भी पी सकते हैं।
डेंगू से बचाव के लिए खाने में तुलसी, हल्दी, दालचीनी, अदरक, लौंग, काली मिर्च जैसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले इंग्रीडिएंट्स का यूज करें।
बासी खाना न खाएं, ताजा खाना खाएं और फाइबर रिच फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
मीट, मछली, सी फूड, तला-भुना खाना, स्ट्रीट फूड आदि का सेवन कम से कम करें।
डेंगू एक संचारी रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है इसलिए डेंगू से बचाव ही इसका सबसे बेहतर इलाज है। अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें।