Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. VIDEO-धीरेंद्र शास्त्री करते हैं महिलाओं की तस्करी, लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर का सनसनीखेज दावा

VIDEO-धीरेंद्र शास्त्री करते हैं महिलाओं की तस्करी, लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर का सनसनीखेज दावा

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत चंदन (Associate Professor of Hindi Department Ravikant Chandan) ने मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। प्रोफेसर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया है कि धीरेंद्र शास्त्री (Dheerendra Shastri) धर्म की आड़ में महिला तस्करी (Trafficks Women) करते हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई और जांच के बाद सही पाए जाने पर धीरेंद्र शास्त्री को फांसी देने की मांग की है।

पढ़ें :- Nari Shakti Vandan Adhiniyam : अमित शाह, बोले -बिल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम, दक्षिण के राज्यों को कोई घाटा नहीं

प्रोफेसर रविकांत ने अपनी पोस्ट में 28 जुलाई की रात मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में पकड़ी गई एक एम्बुलेंस का जिक्र किया, जिसमें 13 महिलाओं को कथित तौर पर जबरन ले जाया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि धर्म की आड़ में महिला तस्करी हो रही है। धीरेंद्र शास्त्री इस गंभीर अपराध में शामिल है। रविकांत ने कहा कि मैंने जो बातें पोस्ट में लिखी हैं, उस पर कायम हूं। वीडियो में सब कुछ है और वीडियो की सत्यता की जांच के बाद ही मैंने फांसी की मांग की है।

पढ़ें :- Women Reservation Bill : पीएम मोदी, बोले- जो विरोध करेंगे उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी,आप महिलाओं की समझदारी पर करो भरोसा

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री के ऊपर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि पहले भारतीयों के हाथों में हथकड़ी, फिर सीजफायर की धमकी। मोदी जी की ट्रंप से दोस्ती की और कितनी कीमत देश चुकाएगा। 70 देशों पर टैरिफ अमेरिका की दादागिरी का नमूना है। आज से ये टैरिफ लागू होना था। फिलहाल 7 दिनों के लिए टाल दिया गया है। भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। इसका खामियाजा देश के लोगों को भुगतना पड़ेगा। देश की अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। क्या सभी देश मिलकर ट्रंप की इस दादागिरी का विरोध करेंगे?

यह पहली बार नहीं है जब प्रोफेसर रविकांत चंदन विवादों में घिरे हैं। इससे पहले 2022 में काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी प्रकरण में उनकी विवादित टिप्पणी को लेकर छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था और एक छात्र ने उन पर हमला भी किया था। हाल ही में, उन्होंने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।

जून में ही लखनऊ यूनिवर्सिटी के कुलपति ने प्रोफ़ेसर रविकांत चंदन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। अब एक बार फिर प्रोफ़ेसर ने विवादित टिप्पणी की है, जिसके बाद एक बार फिर विवाद बढ़ने की उम्मीद है।

Advertisement