Digestion in Summer : गर्मियों के मौसम में सेहत का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत और खान-पान का ध्यान नहीं रख पाते जिसकी वजह से ये समस्याएं होती हैं। ऐसे में कुछ परंपरागत उपाय बहुत कारगर साबित होते है। इस मौसम में अक्सर पाचन की समस्या बढ़ जाती है। कुछ लोगों के पाचन में समस्याये आने लगती है। इस मौसम ब्लोटिंग, एसिडिटी और डायरिया, कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं। गर्मियों में खासकर आपको अपनी डाइट का खास ध्यान रखना चाहिए।
पढ़ें :- Nutritional deficiencies : पोषक तत्वों की कमी से पैरों में हो सकता है दर्द,जानें राहत के उपाय
गर्मियों में पाचन दुरुस्त रखने के लिए पर्याप्त पानी (3-4 लीटर), नारियल पानी, और छाछ का सेवन करें। हल्का, ताज़ा और कम मसालेदार भोजन खाएं, जिसमें सलाद और फल शामिल हों। दही, प्रोबायोटिक्स, और पुदीने को आहार में शामिल करें। भारी व तला-भुना खाना, ज्यादा चाय-कॉफी और रात को देर से खाने से बचें।
तेल का इस्तेमाल कम
अधिक तेल खाने से पाचन तंत्र कमजोर होता है. पाचन दुरुस्त रखना है तो तेल का सेवन कम करें। अधिक तला-भुना खाना न खाएं। हल्के तेल में पौष्टिक भोजन करें, तो पाचन ठीक रहेगा और शरीर को सही पोषण भी मिलेगा।
गर्मियों में पाचन के लिए परंपरागत उपाय
सत्तू का शरबत: भुने हुए चने का सत्तू गर्मियों में पेट को ठंडा रखने और कब्ज से राहत दिलाने के लिए सबसे पुराना देसी उपाय है।
पढ़ें :- ‘मां-बाप से मिलने आती हूं, मरने नहीं’, मुंबई की हवा पर भड़कीं बेबिका धुर्वे; दुबई लौटते ही बिगड़ी तबीयत
बेल का शरबत: बेल का फल पाचन संबंधी विकारों जैसे दस्त और कब्ज के लिए रामबाण माना जाता है।
सौंफ (Fennel Seeds): भोजन के बाद थोड़ी सौंफ चबाने से एसिडिटी कम होती है और गैस से राहत मिलती है।
जीरा और अजवाइन: जीरे को पानी में उबालकर पीने या अजवाइन को नमक के साथ लेने से भारी भोजन भी आसानी से पच जाता है।
पुदीना और धनिया: ये दोनों जड़ी-बूटियाँ तासीर में ठंडी होती हैं। इनकी चटनी या पानी शरीर की गर्मी को शांत करता है।